सांकर गांव में एक माह से फुंके ट्रांसफारमर को न बदले जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को फू ट गया। ग्रामीणों ने गांव में हंगामा काटते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
अजीतमल ब्लाक के सांकर गांव का ट्रांसफारमर धू-धू कर जल गया था। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जेई को दे दी थी। एक माह बाद भी गांव में फुंका ट्रांसफारमर बदला नहीं जा सका। रोजाना बिजली किल्लत से जूझ रहे किसानों का सब्र गुरुवार को टूट गया।
ग्रामीणों ने ट्रांसफारमर के निकट पहुंच विरोधस्वरूप नारे लगाए। ग्रामीणों कहना है कि निर्धारित समय में फुंका ट्रांसफारमर न बदला गया तो वह सब स्टेशन का घेराव करेंगे।
15 माह का बिल 2.34 लाख रुपये का भेजा- जीविकोपार्जन के लिए गांव में आटा चक्की लगा रखी है। 25 दिन से चक्की बंद है। व्यवसाय चौपट हो रहा है। बिजली विभाग ने 15 माह का बिल दो लाख 34 हजार रुपये का भेजा है। बिजली विभाग मनमानी पर उतारू है।- नीरज कुमार (आटा चक्की दुकानदार)
बिजली देने में नियम भूल जाता है विभाग- बिजली विभाग बिल तो समय पर पूरा जमा करा लेता है। जरा सा लेट होने पर ब्याज लगाना नहीं भूलता है। बिजली देने के मामले में वह सारे नियम भूल जाता है। देवेंद्र त्रिपाठी (सेवानिवृत शिक्षक, सांकर)
विभाग सुनने को नहीं तैयार- अक्तूबर में बिजली का कनेक्शन कराया था, जिसका बिल 4338 रुपये भेज दिया गया। इधर एक माह से लाइट नहीं है। ऐसे में बिजली विभाग सुनने को तैयार नहीं है।- पूनम त्रिपाठी (शिक्षिका, सांकर)
नहीं होता है समस्या का समाधान- बिजली विभाग को चाहे जितनी बार सूचना दे दो। फिर भी समस्या का समय पर समाधान हो पाना संभव नहीं है। बिजली विभाग को जो श्यडूल होता है। उसकी आधी भी बिजली नहीं मिल पाती है।
- विनीत त्रिपाठी (नेता, किसान संघ)