औरैया। भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किए गए पूर्व डीएम सुनील कुमार वर्मा के करीबियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की जांच के लिए विजिलेंस की एक टीम बुधवार दोपहर एआरटीओ कार्यालय पहुंची। यहां से पांडेय एंड पांडेय ब्रदर्स के खनन पट्टे में चल रहे वाहनों से जुड़ीं जानकारियां एकत्र की। टीम की कई बिंदुओं पर चल रही जांच से बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
जिले में डीएम के रूप में तैनात 2013 बैच के आईएएस सुनील कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित कर दिया गया था। इन पर करीबियों को मनमाने ढंग से खनन के पट्टे करने, कई लोगों पर बेवजह कार्रवाई करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस पर सरकार ने डीएम और उनके करीबियों की विजिलेंस जांच शुरू कराई।
चार अप्रैल को डीएम के निलंबन के बाद दूसरे दिन ही उनके करीबी कहे जाने वाले मखलू पांडेय, सुरेश पांडेय, हरी नारायण तिवारी के घर और खनन घाट पर विजिलेंस टीम ने छापे मारे। साथ ही सुरेश पांडेय के कोल्ड स्टोरेज पर भी छापा मारा था। यहां पर टीम को लाखों रुपये की बालू डंप मिली थी। इसके साथ ही टीम करीबियों के पास से खनन पट्टा, जमीन व अन्य प्रापर्टी के कागजात ले गई थी। यह भी जांच की जा रही है कि कितनी गाड़ियां दूसरे प्रदेशों में बालू लेकर जाती थीं।
खनन से जुड़े वाहनों की जांच करने के लिए विजिलेंस की एक टीम दोपहर करीब एक बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंची। टीम ने दो सदस्यों ने एआरटीओ अशोक कुमार को कई वाहनों के नंबर दिखाए और उनकी छानबीन की। इसके साथ ही जिले में खनन में चल रही अन्य गाड़ियों के बारे में जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक पांडेय एंड पांडेय ब्रदर्स के घाट पर लगे कुछ वाहनों का रिकार्ड टीम साथ ले गई है।
डीएम के करीबियों के घर पड़े छापे में विजलेंस टीम अपने साथ संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज साथ ले गई थी। इनमें कई ऐसी संपत्तियों के कागजात हैं, जो कुछ वर्षों में खरीदी गई हैं। इसको लेकर भी कई स्तर पर जांच चल रही है। सूत्र बताते हैं कि जिन संपत्तियों की जांच की जा रही है, उनमें टैक्स, स्टांप व सरकारी शुल्क से जुड़ी जांच भी की जा रही है। इसके साथ ही उनके पास किस वर्ष में कितनी संपत्ति व धन अर्जित किया गया उसकी भी छानबीन गोपनीय तरीके से चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस की जांच के दायरे में कई अधिकारी ऐसे भी हैं जो निलंबित डीएम के काफी करीब थे। टीम ने भले ही उनसे अभी तक किसी भी तरह की पूछताछ न की हो, लेकिन वह उनके रडार पर है। इसमें एक कलक्ट्रेट का कर्मचारी भी शामिल है। माना जा रहा है कि तेजी से बढ़ रही जांच के बाद इन पर भी जल्द शिकंजा कस सकता है।