औरैया। लगातार बारिश और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में उगाई जाने वाली सब्जियों की फसलें पूरी तरह डूबकर नष्ट हो गई हैं। इसके चलते दूसरे राज्यों व जनपदों से बाजारों में आने वाली सब्जियों की आवक काफी घट गई है। विशेष रूप से पड़ोसी जनपद जालौन से बड़े पैमाने पर आने वाली तोरई और लौकी की आवक ठप हो गई है। वहीं, बाहरी जिलों से आने वाली टमाटर की खेप भी बारिश की भेंट चढ़ने के कारण दामों में उछाल आया है।
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एक माह में ऐसे चढ़े सब्जियों के दाम (प्रति किलो):
लौकी 20 से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो
तोरई 20 से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो
अदरक 100 से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च 40 से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो
कुंदरु 30 से बढ़कर 40 रुपये रुपये प्रति किलो
टमाटर 20 से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो
सब्जियों के दामों ने बिगाड़ दिया बजट
अचानक सब्जियों के दाम बढ़ने से घर का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। हरी सब्जियों के दाम दोगुने हो चुके हैं, जिससे रसोई संभालना मुश्किल हो रहा है।
- रेणुका पांडेय, गृहिणी
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। बारिश के कारण जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
- दिव्या, गृहिणी
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यमुना के किनारे होने वाली हरी सब्जियां जलस्तर बढ़ने से पानी में डूबकर खराब हो चुकी हैं। जालौन से आवक बंद होने के कारण मंडी से महंगी सब्जियां मिल रही हैं।
-शिवम, सब्जी विक्रेता
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फसलें नष्ट होने से मंडियों में माल कम आ रहा है। मांग ज्यादा होने के कारण दाम बढ़े हैं। जब तक नई फसल नहीं आती, कीमतें तेज रहेंगी।
- अयान, सब्जी विक्रेता
फोटो -1- दिबियापुर रोड पर सड़क पर सब्जी लगाए दुकानदार। संवाद
फोटो -1- दिबियापुर रोड पर सड़क पर सब्जी लगाए दुकानदार। संवाद
फोटो -1- दिबियापुर रोड पर सड़क पर सब्जी लगाए दुकानदार। संवाद
फोटो -1- दिबियापुर रोड पर सड़क पर सब्जी लगाए दुकानदार। संवाद