नगर में पांच जुलाई को होने वाले मंडलीय वैश्य महासम्मेलन की कमान अब स्वयं वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत गुप्ता ने संभाल ली है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता में कहा कि मंडलीय वैश्य सम्मेलन में सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक मुद्दों को उठाया जाएगा। सम्मेलन में केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी कि पूरी जिंदगी विभिन्न तरीके के करों का भुगतान करने वाले व्यापारियों को 60 वर्ष की आयु के उपरांत वृद्धावस्था पेंशन दी जाए।
डा. गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज ने निर्णय लिया है कि अपने बेटे- बेटियों की शादियां सभी उपवर्गों में करेंगे। यह निर्णय अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य एवं सामाजिक एकता के लिए अहम कदम है। रात के समय शादियां न करके फिजूलखर्ची रोकने, कन्या भ्रूण हत्या न करने, दहेज रहित शादियों को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया गया है।
आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। इसका शिकार वैश्य एवं व्यापारी हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश एवं केंद्र सरकार से मांग की कि व्यापारी सुरक्षा आयोग का गठन किया जाए।
कहा कि 60 वर्ष की आयु के उपरांत सभी व्यापारियों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाए। वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों की बीमा राशि पांच लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाए। अपंजीकृत व्यापारी भी कई प्रकार के टैक्स देते हैं। इसलिए अपंजीकृत व्यापारियों के बीमा की राशि तय की जाए।
सम्मेलन में प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी कि आर्थिक व सामाजिक रुप से पिछड़े वैश्य उपवर्गों को पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने की राजाज्ञा जारी की जाए। इसके लिए एक दर्जन उपवर्ग पिछड़ा वर्ग आयोग में अपना आवेदन वर्ष 2009 में दे चुके हैं। इसके लिए माननीय उच्च न्यायालय को भी तीन माह का समय दिया है।
पांच जुलाई को होने वाले मंडलीय वैश्य महासम्मेलन में नगर विकास राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप अग्रवाल मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।
प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश महासचिव डा. मनोज पोरवाल, महासम्मेलन संयोजक डा. हरीबाबू गुप्ता, उमेश पोरवाल राना, नगर अध्यक्ष राकेश भारतीय, नगर महामंत्री अजय पैराडाइज, वरिष्ठ मंत्री नवीन कुमार पोरवाल, युवा नगर अध्यक्ष ब्रह्मानंद गुप्ता, महामंत्री अविनाश पोरवाल, मनीष गुप्ता, डा.सुभाष गुप्ता, कृष्ण कुमार पोरवाल, मनीष पोरवाल, ऋषि पोरवाल, श्याम पोरवाल, ईशू विश्नोई आदि मौजूद रहे।