औरैया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लाख कोशिश के बाद भी जिले में टीकाकरण अभियान गति नहीं पकड़ रहा है। छह माह में दो लाख 24 हजार लाभार्थियों को ही वैक्सीन लग सकी है। जबकि अभी चयनित 10 लाख आबादी को टीका लगना है। यदि यही हाल रहा तो लक्ष्य हासिल करने में करीब दो साल लग जाएंगे। ऐसे में तीसरी लहर का खतरा भी बना हुआ है।
जिले में 15 जनवरी से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। जिले की आबादी 16 लाख दो हजार 341 है। इसमें 18 से कम आयु के लोगों की संख्या लगभग पांच लाख है। जिनका टीकाकरण नहीं होना है। अभी तक दो लाख 24 हजार 815 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें एक लाख 83 हजार 338 लाभार्थियों को पहली और 41477 लाभार्थियों को दूसरी डोज लग चुकी है। लेकिन वैक्सीन की कमी अभियान में रोड़ा बन रही है। यही गति रही तो टीकाकरण अभियान पूरा करने में दो साल लग जाएंगे।
15 जुलाई तक वैक्सीनेशन की स्थिति
वर्ग पहली डोज दूसरी डोज
हेल्थ वर्कर 4568 4065
फ्रंटलाइन वर्कर 4980 4584
60 साल से अधिक 40245 14656
45 से 60 साल 65252 15352
18 से 44 साल 68293 2820
अप्रैल में लक्ष्य का एक चौथाई ही हुआ था टीकाकरण
अप्रैल में शासन स्तर से जिले में एक लाख 32 हजार लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 35 हजार लाभार्थियों को ही टीका लगा था। अधिकारी इसका कारण लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर फैली भ्रांतियां बताते रहे।
जिम्मेदार बोले
टीकाकरण अभियान के गति न पकड़ने का मुख्य कारण वैक्सीन की कमी है। पर्याप्त वैक्सीन होने पर टीकाकरण अभियान गति पकड़ेगा। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
क्लस्टर अभियान शुरू होने पर टीकाकरण अभियान ने गति पकड़ी थी। टीका लगवाने से ही संक्रमण से बचा सकता है। लोगों को इसके लिए टीमें जागरूक कर रहीं हैं। - डॉ. अशोक सागर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी