दिबियापुर। कस्बा स्थित सीएचसी में शनिवार रात उपचार के दौरान एक 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजन ने हंगामा किया।
उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और समय पर रेफर न करने का आरोप लगाया। परिजन के उग्र तेवर देख ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ ने खुद को अधीक्षक के कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना क्षेत्र के गांव कैझरी गांव निवासी पिंकी (46) पत्नी सियाराम ने 15 दिन पूर्व एक बच्चे को जन्म दिया था, जिसके बाद से वह काफी कमजोर थी। दो दिनों से दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने पर शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे परिजन ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया था।
डॉक्टर ने उसे ड्रिप लगाई। रात करीब पौने नौ बजे महिला बाथरूम गई थी, वहां वह अचानक गिर पड़ी। जब तक डॉक्टर उसे अन्य अस्पताल के लिए रेफर करते, उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही परिजन का गुस्सा फूट पड़ा।
गुस्साए परिजन ने डॉक्टर से तीखी बहस शुरू कर दी और तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। अपनी जान बचाने के लिए डॉ. जयवीर सिंह व अन्य स्टाफ अधीक्षक कक्ष में छिप गए और अंदर से कुंडी लगा ली। परिजन लगातार गेट पर लात-घूंसे और धक्का मारते रहे। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने रात करीब साढ़े 12 बजे तक हंगामा कर रहे ग्रामीणों को शांत कराया।
रविवार सुबह भी गांव से ट्रैक्टरों में बैठकर आए लोग अस्पताल पहुंचे, इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल रहा। महिला के पांच बेटियां और तीन बेटे हैं। मां की मौत के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि महिला अत्यधिक डिहाइड्रेशन का शिकार थी। डॉक्टर पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी जांच में महिला की बीमारी से मौत होने की बात सामने आई है। परिजन को शांत करा दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-29- परिजन को समझाते थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्रा मौजूद फोर्स। संवाद