औरैया। दिबियापुर विधानसभा सीट को लेकर हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र यादव ने 14 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है।
इसमें उसने दिबियापुर क्षेत्र से सपा के टिकट के असली हकदार को लेकर लोगों से उनकी राय मांगी है। इसमें लगी हिस्ट्रीशीटर और सपा विधायक प्रदीप यादव की फोटो से समाजवादी पार्टी में चर्चा का माहौल गर्म है।
भाग्यनगर से जिला पंचायत सदस्य, युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष और हाल ही में जिला बदर किए गए हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र यादव की एक पोस्ट से हल्ला मचा है। इसमें धर्मेंद्र यादव ने फोटो समेत एक कोलाज पोस्ट किया है, इसमें एक तरफ उसकी फोटो और दूसरी तरफ दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा सपा विधायक प्रदीप यादव की फोटो लगी है।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि 2027 के चुनाव की आहट के साथ ही जमीन पर दो कद्दावर नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इसके बाद उसने जनता से राय मांगते हुए पूछा है कि आपकी नजर में सपा के टिकट का असली दावेदार कौन है? यह भी पूछा है कि क्या सपा मौजूदा विधायक पर फिर से भरोसा जताएगी या किसी नए चेहरे को मौका देना चाहिए?
चर्चा है कि आपराधिक इतिहास के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने जून के अंतिम सप्ताह में धर्मेंद्र के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर किया था। धर्मेंद्र यादव साल 2021 में तब सुर्खियों में आया था, जब इटावा जेल से रिहा होने के बाद उसके समर्थकों ने हाईवे पर गाड़ियों का एक लंबा जुलूस निकाला था।
एक साल से भंग चल रही सपा की जिला कार्यकारिणी
इस पूरे विवाद के बीच गौर करने वाली बात यह है कि समाजवादी पार्टी बीते करीब एक साल से बिना जिला कार्यकारिणी के चल रही है।
दरअसल, करीब एक साल पहले पार्टी के भीतर चल रही भीषण खींचतान और गुटबाजी के चलते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिले के जिम्मेदार पदाधिकारियों को लखनऊ तलब किया था और कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। हालांकि, इस कार्रवाई में जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम को पद पर बनाए रखा गया था।
उनका कहना है कि सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी निर्देश होगा उस पर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एक जुट होकर मदद करेंगे।
वर्जन
सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। हम राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश पर काम करेंगे। -प्रदीप यादव, विधायक दिबियापुर क्षेत्र