फोटो-19एयूआरपी38- अधिकारियों से अपनी आपत्ति दर्ज करते ग्रामीण। संवाद
फफूंद। ग्राम पंचायत भर्रापुर में राशन डीलर के चयन के लिए खुली बैठक बुलाई गई। ब्लाॅक के अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू कराई। इसमें चार ग्रामीणों ने अपना नामांकन किया। इसी बीच प्रक्रिया में तब्दीली का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई घंटे तक चले हंगामे के कारण चयन प्रक्रिया निरस्त कर दी गई।
शुक्रवार को ग्राम पंचायत भर्रापुर के गांव अधासी के पंचायत भवन में राशन डीलर के चयन के लिए खुली बैठक बुलाई गई। लगभग सात सौ से ज्यादा ग्रामीण बैठक में पहुंचे। ग्राम प्रधान रेनू मिश्रा की मौजूदगी में एडीओ शिव शरण भदौरिया व ग्राम विकास अधिकारी नंदराज ने चयन प्रक्रिया शुरू की।गांव अधासी के रोहित त्रिपाठी, साक्षी त्रिपाठी और सीमा कश्यप व भर्रापुर से रवि कठेरिया ने नामांकन जमा किया। प्रक्रिया शुरू होते ही ग्रामीण हंगामा करने लगे। ग्रामीण अजित अवस्थी,सर्वेश सक्सेना, रोहित त्रिपाठी, राकेश दोहरे, अमित अवस्थी, विकास अवस्थी, हरीश अवस्थी, प्रवीण कुमार मिश्रा,अनुज शर्मा, शोभित त्रिपाठी, मुन्ना मिश्रा व जनार्दन मिश्रा ने बताया कि चयन प्रक्रिया के लिए आए अधिकारियों ने सामान्य पुरुष वर्ग का नामांकन करने के इच्छुक लोगों से कागज जमा करने को कहा।
जब लोग कागजी कार्रवाई करने लगे तो अधिकारियों ने सामान्य वर्ग महिला का चयन के लिए हाथ उठवाकर ही चयन करने को कहा। आरोप लगाया कि एक राजनीतिक नेता के इशारे पर अधिकारी औपचारिकता निभा रहे थे। हाथ उठाने वाली प्रक्रिया में दूसरे गांव की भीड़ बुलाई गई थी। अधिकारियों का रवैया देख ग्रामीण भड़क उठे व वोटिंग से ही चयन करने पर अड़ गए। माहौल खराब होता देख थाना पुलिस गांव पहुंच गई।
बीडीओ डॉ. आदित्य त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया लेकिन सैकड़ों ग्रामीण वोट से ही राशन डीलर चुनने की मांग पर अड़े रहे। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक कोई हल नहीं निकलता देख बीडीओ व एडीओ वहां से चले गए। इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी ने उच्चाधिकारियों के आदेश पर चयन प्रक्रिया निरस्त कर दी। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि राशन डीलर के चयन में कोई आरक्षण नहीं है। ग्रामीणों को गलतफहमी हुई थी। चयन प्रक्रिया नहीं हो पाई है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर दोबारा बैठक बुलाई जाएगी।