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सड़क किनारे लावारिस मिलीं यूआईडी

Thu, 05 Feb 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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सरकार की ओर से आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इसे पाने के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन लोगों तक इसे पहुंचाने का जिम्मा उठाने वाले पूरी तरह से लापरवाह हैं। स्थित यह है कि बुधवार को बड़ी संख्या में आधार कार्ड लावारिस मिले। दिबियापुर रोड पर सड़क किनारे बिखरे पड़े आधार कार्डों ने प्रशासन की संजीदगी की पोल खोल दी।
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बनारसीदास मोहल्ले के विनोद कुमार शुक्ला हाें या बैहन टोला की अंजू गुप्ता सरीके पढ़ीन दरवाजा की किरन देवी, ज्योति कुमारी, बघाकटरा के मु. ताहिर ही नहीं सुरेश बाला, रामकुमार अथवा 63 साल की श्यामा देवी ने भी आधार कार्ड के लिए आवेदन तो किया पर इन सभी के आधार कार्ड हैं कहां, नहीं मालूम।

बुधवार शाम दिबियापुर रोड पर एक रिक्शे वाले को उक्त नामों के कार्डों के साथ 50 लोगों के आधार कार्ड सड़क किनारे पड़े मिले। आधार कार्ड लावारिस हालत में मिलने की सूचना अमर उजाला को फोन पर दी गई।
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मौके पर पड़ताल के दौरान दिबियापुर रोड पर पान मसाले की गुमटी रखे राकेश कुमार ने भी तीन दिन पहले इसी तरह लावारिस हालत में आधार कार्ड पड़े पाया जाना बताया।

अप्रत्यक्ष भागेदारी का दुष्परिणाम- औरैया केंद्र के मेक डिजिटल इंडिया बनाने में राज्य सरकारों को प्रत्यक्ष भागीदार न बनाने का दुष्परिणाम निकल कर सामने आने लगा है।

शासकीय योजनाओं के लाभ के लिए बहुपयोगी यूआईडी(यूजर ) प्रदान कराने में देना बैंक व यूनियन बैंकों को केंद्र ने जिम्मेदारी सौंप रखी है। राज्यों में राज्य सरकार तो जिले में जिला प्रशासन को पर्यवेक्षण मात्र तक ही सीमित कर रखा है।
 
आधार कार्ड केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा है, इसमें जिला प्रशासन की कोई भी जिम्मेदारी सीधे तौर पर नहीं है। डाक द्वारा आम आदमी तक आधार कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लावारिस मिले आधार कार्ड के मामले में सीधे जिम्मेदारी पोस्ट आफिस की है। इंद्रपाल उत्तम, एडीएम
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