ट्रेन के इंतजार में फफूंद स्टेशन के प्लेटफार्म पर टहलते यात्री।
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इंटरसिटी एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन के निरस्त होने से यात्रियों को फफूंद स्टेशन पर दिक्कत का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था की मांग को लेकर यात्रियों ने हंगामा किया। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक ने जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस का ठहराव कराया। इससे यात्री रवाना हुए। वहीं कानपुर और इटावा की कई ट्रेनें लेट होने से भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
शनिवार सुबह शिकोहाबाद से कानपुर पैसेंजर व लखनऊ से आगरा सुपरफास्ट इंटरसिटी एक्सप्रेस अप और डाउन ट्रेन निरस्त होने से एमएसटी धारकों ने हंगामा किया। यह इन दोनों ट्रेनों के स्थान पर वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था कराने की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ता देख स्टेशन अधीक्षक अर्जुन लाल ने रेल अधिकारियों से बात कर कंट्रोल रूम में सूचना दी। इसके बाद कानपुर जाने वाले यात्रियों के लिए जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस का ठहराव कराया गया। वहीं इटावा की ओर जाने वाली कानपुर-आगरा पैसेंजर दो घंटे, गोमती एक्सप्रेस दो घंटे, तूफान एक्सप्रेस चार घंटे, कालका एक्सप्रेस दो घंटा, मुरी एक्सप्रेस एक घंटा व कानपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर एक घंटा, मुरी दो घंटे, कालका एक्सप्रेस एक घंटा, महानंदा एक्सप्रेस के एक घंटा देरी से होने से भी यात्री परेशान नजर आए। लंबी दूरी वाले यात्री ट्रेनों का घंटों इंतजार करते रहे। कम दूरी पर जाने वाले किराये पर वाहन कर गंतव्य के लिए रवाना हुए।
दिवाली के त्योहार के बाद लौटने वाले ट्रेनों की हालत देखकर निराश हुए। यात्रियों का कहना था कि रेलवे ने एमएसटी धारकों के लिए ट्रेन की व्यवस्था कर दी। अन्य यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस मामले में स्टेशन अधीक्षक अर्जुन लाल का कहना था कि यात्रियों के हंगामे को देखते हुए कंट्रोल रूम से बात कर जोधपुर-हावड़ा का स्टापेज फफूंद स्टेशन में कराया गया। इससे दैनिक यात्रियों को रवाना किया गया। बाकी ट्रेनें कुछ लेट हुईं। इससे यात्रियों को असुविधा हुई।