रेलवे स्टेशन फफूंद का निरीक्षण करते जिलाधिकारी के बालाजी, एसपी रामकिशोर व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
रूरा में सियालदाह अजमेर एक्सप्रेस के हादसाग्रस्त होने सेसुबह से ही अप व डाउन रेलमार्ग ठप हो गया। सुबह फफूंद पहुंची डाउन श्रमशक्ति एक्सप्रेस व संगम एक्सप्रेस को फफूंद में खड़ा कर निरस्त की घोषणा कर दी गई। कानपुर जाने वाली फफूंद कानपुर पैसेंजर यहां से रवाना ही नहीं की गई। इससे यात्रियों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
रूरा के पास ट्रेन हादसे की सूचना के बाद सुबह 5:53 बजे पहुंची 12452 डाउन श्रमशक्ति एक्सप्रेस को आगे नहीं बढ़ाया गया। हादसे की पुष्टि के बाद अगले कई घंटों तक रूट बाधित होने की आशंका पर ट्रेन को यहीं खड़ा कर रद कर दिया गया। सुबह छह बजे फफूंद से चलने वाली फफूंद कानपुर मेमो पैसेंजर को भी रद कर दिया गया। इसके बाद साढे़ 11 बजे पहुंची 14164 डाउन संगम एक्सप्रेस को भी फफूंद में खड़ा कररद कर दिया गया। रेलवे कंट्रोल की ओर से सूचना मिली कि रूट डायवर्ट कर ट्रेनों को गंतव्य तक पहुंचाया जा सकता है। इससे श्रमशक्ति व संगम एक्सप्रेस के इंजनों को आगे से हटाकर पीछे किया गया। तभी रेल प्रबंधन ने सूचना दी कि रूट डायवर्ट नहीं किया जा रहा। इससे रेलकर्मियों की मशक्कत पर पानी फिर गया। शाम तक तीनों ट्रेनें फफूंद रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहीं।
जायजा लेने पहुंचे डीएम व एसपी
दिबियापुर ( औरैया )। रूरा में हादसा के बाद जिलाधिकारी के बालाजी एवं एसपी रामकिशोर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फफूंद रेलवे स्टेशन पहुंचे। इन्होंने रेलवे अधिकारियों से दुर्घटना से संबंधित जानकारी ली। यात्रियों की सुविधाओं के लिए आवश्यक ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए। लगभग आधा घंटे तक रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद अधिकारी मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। एसडीएम, नायब तहसीलदार शमशेर सिंह, थाना दिबियापुर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे।
आटो चालकों की रही चांदी
दिबियापुर ( औरैया )। संगम, श्रमशक्ति के फफूंद रेलवे स्टेशन पर रद होने के बाद आटो चालकों एवं निजी वाहन स्वामियों की चांदी रही। आटो चालकों ने औरैया तक का किराया दो सौ से तीन सौ रुपया वसूला। निजी वाहन स्वामियों ने कानपुर ड्रापिंग की कीमत तीन से चार हजार रुपये के बीच ली। कई यात्रियों ने सीधे कानपुर के लिए वाहन बुक किए। कई यात्री औरैया तक आटो से व इसके बाद बस से रवाना हुए।