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रेलवे को झटका, बढ़ाकर देना होगा मुआवजा

Tue, 27 Dec 2016 10:34 PM IST
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किसानों और रेल अधिकारियों के साथ बैठक करते एडीएम रामसेवक द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला
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किसानों की मांग को दरकिनार कर रहे रेलवे को जिला प्रशासन ने तगड़ा झटका दिया है। जिला प्रशासन ने किसानों और रेल अधिकारियों की बैठक में रेल अधिकारियों को किसानों को नए रेट से भुगतान करने के लिए कहा। इस पर किसानों ने खुशी जाहिर की है। इस फैसले से जिले के अलावा अन्य जिलों के हजारों किसान लाभान्वित होंगे।
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केंद्र सरकार की परियोजना रेल फ्रे ट कॉरीडोर छह साल से अटकी है। 2008 में रेलवे ने जिले के 14 गांवों की भूमि अधिग्रहण की थी। इसके बाद से किसान मुआवजे को लेकर आंदोलित हो गए। 2010 से किसान लगातार आंदोलन की राह पकड़े हैं। जिले के आठ किसान हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि बिना किसानों की बात सुने परियोजना न लगाई जाए। रेलवे के अधिकारी किसानों की समस्या बिना सुने ही परियोजना को बढ़ाना चाहते थे। मंगलवार को एडीएम रामसेवक द्विवेदी की मौजूदगी में किसानों और रेल अधिकारियों की बैठक हुई।

यहां एडीएम ने कहा कि किसानों को नया मूल्य देकर ही परियोजना लगाई जाए। रेलवे के वकीलों ने अपनी दलीलें भी दीं। इसके बाद भी एडीएम ने कड़े रुख के साथ कहा कि किसानों के हित में  हर हाल में यह आदेश माना जाए। एडीएम ने कमिश्नर के एक आदेश का हवाला देते हुए रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि आबादी से दो सौ मीटर दूर वाले खेतों के मालिकों को भी आबादी के हिसाब से ही सर्किल रेट दिया जाए। किसानों के साथ ज्यादती कर परियोजना नहीं लगाई जा सकती।  एडीएम के आदेश पर रेलवे अधिकारियों ने सहमति जताई।  इस मौके पर एसडीएम राजेंद्र कुमार, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक संजय चौरसिया, निर्माण प्रबंधक जयदयाल जौडियाल,भूमि अर्जन अधिकारी सुबोध मिश्रा व रेलवे के वकील भी मौजूद रहे।  
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कई जिले के किसानों को मिलेगा लाभ
इस फैसले से कई जिले के किसानों को लाभ मिलेगा। कानपुर व कानपुर देहात में परियोजना पूरी हो चुकी हैं। औरैया व इटावा में परियोजना लटकी थीं। अन्य जिले के किसान भी इस नजीर से नया अधिग्रहण मूल्य पा सकते हैं।

 देना होगा 350 वर्ग मीटर का मूल्य
रेलवे ने 70 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन का अधिग्रहण किया था। नए आदेश के अनुसार 350 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से किसानों को भुगतान करना होगा। ऐसे में जो किसान पहले से मुआवजा ले चुके हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
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