दिबियापुर (औरैया)। हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के सामने खड़े होकर हाईस्कूल की छात्रा और उसकी मां ने जान दे दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रेन के ड्राइवर ने अपनी रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया है। वहीं, महिला के पति ने आत्महत्या से इन्कार किया। उन्होंने खेत में काम करने जाते समय ट्रैक पार करने के दौरान हादसा होने की बात कही है। छात्रा को सोमवार से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होना था।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के बिझाई गांव के सामने दिल्ली-हावड़ा रेल रूट है। रविवार की सुबह करीब आठ बजे खंभा संख्या 1097 के पास से नई दिल्ली जा रही अप राजधानी एक्सप्रेस गुजर रही थी। ठीक उसी दौरान वहां पहले से टहल रहीं मां-बेटी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गईं।
दोनों ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। यह देख चालक ने वायरलेस से तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ, जीआरपी और दिबियापुर थाने की पुलिस को सूचना दी।
तुरंत ही दिबियापुर थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश चौहान, आरपीएफ एसआई मुकेश कुमार, जीआरपी फफूंद घटनास्थल पर पहुंचे। मृतकों की पहचान बिझाई गांव निवासी सतगुरु शरण दोहरे की पत्नी सीता (40) व उनकी पुत्री अलका (16) के रूप में हुई।
महिला के पति सतगुरु के मुताबिक वह प्लंबर है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से पत्नी भी खेतों में काम करती थीं। रविवार को पत्नी लाही काटने के लिए बेटी को भी साथ ले गई थीं। हालांकि चर्चा है कि घर में अक्सर विवाद होता था। शनिवार की रात भी घर में झगड़ा हुआ था।
दिबियापुर थाना प्रभारी मुकेश बाबू ने बताया दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कोतवाल के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। घरेलू विवाद की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
दो भाइयों की अकेली बहन थी अलका, आज थी हाईस्कूल की परीक्षा
दिबियापुर। ट्रेन की चपेट में जान गंवाने वाली महिला के देवर सत्यभान ने बताया कि वह तीन भाई हैं। उसके भाई सतगुरु दोहरे के दो पुत्र सुदीप व रंजीत और एक पुत्री अलका थी। सुदीप बिधूना से आईटीआई डिप्लोमा कर रहा है। इलेक्ट्रीशियन का काम भी सीख रहा है।
छोटा बेटा रंजीत और पुत्री अलका दोनों राजकीय स्कूल बिझाई में हाईस्कूल में पढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी से ही दोनों की हाईस्कूल परीक्षा है। दोनों भाई-बहन ने अपना-अपना प्रवेश पत्र भी ले लिया था। अलका का सेंटर लाछियामऊ में और भाई रंजीत का भाग्यनगर में था, लेकिन परीक्षा देने से पहले ही अलका की जान चली गई। (संवाद)
राजधानी के ड्राइवर ने बताया सुसाइड, पुलिस बोली घटनास्थल के पास कोई खेत नहीं
दिबियापुर। अप राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने स्टेशन मास्टर को महिला व उसकी बेटी की आत्महत्या का मेमो दिया है। दिबियापुर कोतवाल मुकेश चौहान, आरपीएफ के एसआई मुकेश कुमार के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही है।
मां-बेटी जिस तरहघटना स्थल पर पर पहुंचीं, वहां कोई खेत नहीं था। रेलवे की बाउंड्रीवॉल थी। महिला खेत पर न जाकर सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंची थी। परिवार ने आत्महत्या की बात से इन्कार किया है। महिला के पति के मुताबिक किसी तरह का विवाद नहीं था। बेटी खेत में मां का हाथ बंटाने के लिए उसके साथ गई थी। (संवाद)