सूचना विज्ञान केंद्र ने जिले के लोगों को घर बैठे हाइटेक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काम शुरू कर दिया है। सूचना केंद्र ट्रिपल आईटी सिद्धांत (इंडियन टैलेंट+ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी = इंडिया टुमारो) पर मेकिंग डिजीटल औरैया की शुरूआत की है। मोबाइल एप्स, ई-लाकर्स, पेगव, माईगव के अलावा ई-हास्पिटल के जरिए लोगों को यह घर बैठे हर सुविधा मिल सकेगी।
जिले के लोगों को उक्त सुविधाओं से जोड़ने के लिए जिला सूचना विज्ञान केंद्र ने काम शुरू कर दिया है। डिजीटल सुविधाओं की की राह पर चले जिले के लोगों को आने वाले दिनों में स्वास्थ्य, खाद्य, स्वच्छता से लेकर कृषि क्षेत्र की सभी जानकारी घर बैठे ऑनलाइन मिलने लगेगी। वहीं डिजीटल ई-लाकर्स छात्रों के साथ-साथ व्यापारियों और मार्केटिंग जॉब से जुड़े लोगों के काफी फायदेमंद साबित होंगे। ई-लाकर्स का मतलब इंटरनेट तिजोरी से है। इस तिजोरी में छात्र अपने शैक्षिक अभिलेख तो आमजन पेनकार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर के साथ बीमा पॉलिसी, ई-दस्तखत और अन्य जरूरी कागजात सुरक्षित रख सकता है। ई-लाकर्स के लिए हर नागरिक के लिए 1 गेगाबाइट स्पेस प्रदान किया गया है।
ऐसे बनाएं इ-लाकर्स
डिजीटल लॉकर्स बनाने के लिए यूजर को digitallocker.gov.in की वेवसाइट पर Making New locker विकल्प पर जाकर अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर अथवा फिंगर प्रिंट अपलोड करना होगा। औरैया में आम लोगों के लिए ई-लाकर्स की सुविधा शुरू कर दी गई है।
ऐसा होगा ई-हास्पिटल
ई-हास्पिटल के जरिए लोगों को अस्पताल जाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। इस सुविधा के शुरू होते ही लोग दुनिया के अच्छे से अच्छे डाक्टरों से अपना इलाज करा पाएंगे। डाक्टर की ओपीडी के समय रोगी को टेली मेडिसीन सुविधा के तहत वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए परामर्श भी प्राप्त हो सकेगा।
इन सुविधाओं पर हो रहा काम
* मोबाइल एप्स - कृषि, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद सहित प्रत्येक शासकीय विभाग की कार्यप्रणाली संबंधी सूचनाएं मोबाइल एप्स के जरिए प्राप्त कराई जाएंगी।
* पेगव - सभी प्रकार के धन के लेन-देन के लिए सुरक्षित सुविधा।
* माई गव - केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से संचालित सभी योजनाओें की इसी पोर्टल पर सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी। इस पोर्टल पर लोगों के लिए शासकीय योजनाओं के क्रियांवयन को लेकर सुझाव और समीक्षात्मक विचार व्यक्त करने की सुविधा रहेगी।
* ई-बस्ता - आने वाले समय में छोटे-छोटे स्कूली बच्चों के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को किताबी बस्तों के बोझ से ई-बस्ता योजना राहत देने वाली साबित होगी। ई-बस्ता में शिशु कक्षा से लेकर हायर एजूकेशन की सभी बुक मौजूद रहेंगी।
जिले को डिजीटल औरैया में परिवर्तित करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। डिजीटल सेवाओं का लाभ पाने के लिए यूजर का आधार नंबर और मोबाइन नंबर से लैस होना जरूरी होगा।
निशांत गुप्ता, डीआईओ, जिला सूचना एवं विज्ञान केंद्र