औरैया। तहसील परिसर में तीसरे दिन भी राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन की कलमबंद हड़ताल जारी रही।
बुधवार सुबह अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की। अधिवक्ताओं की हड़ताल को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने भी अपना समर्थन दिया है।
एसोसिएशन ने बताया कि पांच मई को आयोजित बैठक में संगठन की ओर से नौ सूत्री मांगें उठाई गईं थीं। इनमें तहसील प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की प्रमुख मांग शामिल थी। महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि धारा 116 तथा दाखिल-खारिज से जुड़े मुकदमों का समय से पंजीकरण नहीं किया जाता, जिससे वादकारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। साथ ही बिना सुविधा शुल्क दिए दाखिल-खारिज के आदेश खतौनी में दर्ज नहीं किए जाते। उन्होंने इन प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाए जाने की मांग की।
वहीं अधिवक्ताओं की हड़ताल में अब व्यापार मंडल भी शामिल हो गया। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू ने कहा कि वह तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका संगठन लगातार आवाज उठाता रहा है। तहसील में अधिवक्ताओं द्वारा जो हड़ताल की गई है वह पूरी तरह से सही है और व्यापार मंडल उसका समर्थन करता है।
हड़ताल के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील पांडेय, विनोद तिवारी, श्रीनरायन त्रिपाठी, राजेश दीक्षित, अरुण सक्सेना, ओंकार नाथ चतुर्वेदी, धर्मवीर त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र मोहन, सुधीर पांडे आदि मौजूद रहे।