औरैया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दो किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले तीन स्कूलों का कायाकल्प कार्यदायी संस्था कराएगी। स्कूलों को डिजिटल बनाया जाएगा। बीएसए से मिली सूची के बाद संस्था ने काम कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। इसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। 25 जून को यूपीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी/अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश चंद्र ने निरीक्षण कर निर्माण कार्य देखा था। इसी दौरान वह आसपास पड़ने वाले गांव के लोगों से मिले थे। उन्होंने कुछ ग्रामीणों व बच्चों से स्कूल जाने और स्कूलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी।
फिर उन्होंने निर्देश दिए थे कि दो किलोमीटर दायरे में पड़ने वाले स्कूल, कालेजों का कायाकल्प कराया जाए। इसी के तहत जिले की सीमा में 10 किलोमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य करा रही गवार कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बीएसए से ऐसे स्कूलों की सूची मांगी थी, जो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दो किलोमीटर के दायरे में आते हैं। बीएसए जीएस राजपूत ने बताया कि उनके द्वारा 30 विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराई गई थी। इसमें किस तरह के संसाधन है, इसकी भी जानकारी संस्था को दी गई है।
संस्था के डिप्टी मैनेजर आकाश सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास पड़ने वाले नहोली, बखरिया, दासपुर प्राथमिक स्कूलों का कायाकल्प कराने के लिए चयन किया गया है। यहां पर बिजली, चहारदीवारी व कई अन्य संसाधन पहले से हैं। इनमें एसी, कैमरे, कंप्यूटर व सौर ऊर्जा लगवाई जाएगी। इसके साथ ही सभी क्लासों को स्मार्ट बनाने के लिए जिन संसाधनों की जरूरत पड़ेगी, उसे मुहैया कराया जाएगा। बताया कि यह पहल यूपीडा की ओर से की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और अच्छा वातावरण मुहैया हो सकेगा। बताया कि इसी तरह जालौन व अन्य जिलों में भी पहल की जा रही है। इसके लिए संबंधित जिलों में भी तैयारियां चल रही हैं।