कंचौसी (औरैया)। क्षेत्र के गांव सुंदरपुर में अज्ञात कारणों से तीन घरों में आग लग गई। इसमें 75 हजार रुपये और ग़ृहस्थियां जलकर गईं। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पीड़ित विनोद पुत्र नरेश, उर्मिला पत्नी भारत व अतरकली पत्नी नरेश ने बताया कि आग लगने के दौरान वह सभी खेतों पर काम करने गए थे। देर शाम अतरकली के घर से उठी आग की चिंगारी ने पड़ोस में रहने वाले उर्मिला व विनोद के घर को भी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख ग्रामीणों ने उन्हें खेत पर पहुंचकर जानकारी दी। साथ ही चौकी पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के बाद उन्होंने फायर बिग्रेड का नंबर कई बार लगाने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं लगा।
विनोद ने बताया कि वह कल दिल्ली से लौटा था। 40 हजार रुपये कमाकर लाया था। आग लगने से उसके घर में रखा अनाज, कपड़े व 40 हजार रुपये जलकर राख हो गए। उर्मिला ने बताया कि आग से अनाज, कपड़े, 25 हजार रुपये व साइकिल जल गई। अतरकली ने बताया खाने का सामान, अनाज, बिस्तर व 10 हजार रुपये जल गए। लेखपाल पवन दीक्षित ने बताया आग से हुई क्षति का आकलन कर लिया गया है। पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
छप्पर में लगी आग, ग्रामीणों ने मासूम को बचाया
अयाना (औरैया)। क्षेत्र के गांव प्रयागपुर में खाना बनाते समय छप्पर में आग लग गई। आग से घर में रखा सामान जलकर राख हो गया।
गांव प्रयागपुर निवासी जयसिंह की बहू प्रियंका पत्नी कपिल रविवार सुबह लगभग 10 बजे घर में चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। इससे पहले कि प्रियंका कुछ समझ पाती आग ने विकराल रुप ले लिया। प्रियंका की चीख सुनकर आए ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। प्रियंका ने ग्रामीणों को तीन माह का बच्चा मकान के अंदर होने की बात कही, तो ग्रामीणों ने मशक्कत कर बच्चे की जान बचाई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक घर में रखा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि आग से सब तबाह हो गया है। कपड़े, चारपाई, अनाज, बर्तन जलकर राख हो गया है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को देकर परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। (संवाद)