रोती बिलखती मां व अन्य महिलाएं।
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कोतवाली क्षेत्र के जौरा गांव में तीन बालक नदी नहाते समय डूब गए, जिसमें दो तो जैसे तैसे बाहर आ गए लेकिन तीसरे का पता नहीं चला। बच्चों ने भागकर गांव में बताया। जानकारी पर मौैके पर एसडीएम पहुंच गए। शाम तक गोताखोर तलाशते रहे मगर बालक का सुराग नही लगा।
जौरा गांव में ननिहाल में रह रहा ऋतिक (11) पुत्र स्व. श्यामबाबू गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता है। घरवालों ने बताया कि शुक्रवार को वह स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था कि तभी उसके दोस्त सीतू (9) पुत्र पप्पू और अंशू (10) पुत्र हरपाल आए और सभी लोग बिना बताए नदी पहुंच गए। नहाते समय तेज बहाव में तीन बालक डूबने लगे। दो तो जैसे तैसे बाहर आ गए लेकिन ऋतिक का पता नहीं चला। साथी को डूबता देख अन्य दो बालक शोर मचाते हुए गांव पहुंचे और ऋतिक के डूबने की बात बताई तो गांव में कोहराम मच गया। आननफ ानन में ग्रामीण नदी के किनारे पहुंचे। ऋतिक की तलाश की गई पर समाचार भेजे जाने तक उसका पता नहीं चला था। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम अमित राठौर ने गोताखोर बुलाकर ऋतिक की तलाश भी कराई। बालक के लापता होने पर घर में कोहराम मचा है। मां चंदा देवी का रो रोकर बुरा हाल था।
घर का इकलौता है ऋतिक
ऋतिक ननिहाल जौरा में करीब पांच वर्ष से रह रहा है। चंदा देवी की शादी जालौन के कुठौद के पास एक गांव में हुई थी। पति श्यामबाबू की मौत के बाद वह ऋतिक को लेकर मायके आ गई। इकलौते बेटे के नदी में लापता होने के बाद से वह बेसुध थी।