औरैया। जिले में सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने का क्रम जारी है। युद्ध स्तर पर जिले भर में कार्रवाई देखने को मिल रही है।
प्रशासन के साथ-साथ पुलिस भी एक्शन मोड पर खड़ी नजर आती है। बावजूद इसके भू माफियाओं के हौंसले बुलंद नजर आ रहे हैं। जिसकी बानगी सेहुद में देखी जा सकती है, जहां भू माफिया ने पुलिस महकमे के नाम दर्ज जमीन पर ही प्लाटिंग कर डाली। 28 जनवरी 2023 को सेहुद ग्राम पंचायत में 3.25 एकड़ जमीन ककोर बुजुर्ग थाना व मालखाना सदर के नाम चढ़ी। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इस जमीन को सुरक्षित नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि यहां पर कुछ नामचीन भूमाफिया का दखल है। यदि जमीन सुरक्षित नहीं हुई तो कई अन्य लोगों को भी इस सरकारी जमीन पर अवैध प्लाट बेच दिए जाएंगे।
शासन से मिले प्रस्तावों के क्रम में जिला प्रशासन व सदर तहसील प्रशासन ने पिछले साल मालखाना सदर व ककोर बुजुर्ग थाना के लिए जमीन को चिह्नित करने का काम शुरू किया। सेहुद ग्राम पंचायत में हनुमान मंदिर के सामने ग्राम सभा की 3.25 एकड़ जमीन को देखा गया। इसे उपयुक्त पाते हुए 28 जनवरी 2023 को तत्कालीन तहसीलदार के आदेश के क्रम में इस जमीन को मालखाना सदर व ककोर बुजुर्ग थाना के नाम दर्ज किया गया। जनवरी 2024 में यहां थाना पुलिस के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी पहुंचे। इस जमीन के एक हिस्से को ही गड्ढा खोदाई कर रेखांकित किया गया। यहां पर पुलिस महकमे को मिले बजट के तहत एक शौचालय भी बनाया गया है, लेकिन इस जमीन के एक हिस्से में अवैध प्लाटिंग पाई गई । बगल में संचालित एक विद्यालय भी इस जमीन की जद में आ रहा है। कागजों में दर्ज इस जमीन को अभी तक सुरक्षित नहीं किया जा सका है। पूरा मामला ठंडे बस्ते में है। संभावना यह जताई जा रही है कि यहां भूमाफिया और लोगों को भी धीरे-धीरे सरकारी जमीन पर प्लाट दिनों-दिन बेचे जा रहे हैं। समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कई परिवारों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा, जो यहां पर प्लाट खरीद रहे हैं।
औरैया शहर निवासी दो भूमाफियाओं के नाम आ रहे सामने
सरकारी महकमों में सांठगांठ व कागजों के हेरफेर में जमीनों का फर्जीवाड़ा दिबियापुर के इर्द-गिर्द खूब चला है। अधिकारी भी इससे भलीभांति परिचित हो गए हैं। दिनों दिन परतें खुल रही हैं। कड़ी कार्रवाई भी हो रही है। सूत्रों की माने तो यहां पत्रावलियों का हेरफेर और सरकारी महकमे में तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों से भू माफिया से सांठगांठ भी पाई जा रही है। दो साल पहले सेहुद में सरकारी जमीन पर अवैध प्लाटिंग पाए जाने पर औरैया निवासी एक प्लाटिंग कारोबारी पर भू माफिया के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। वहीं मालखाना सदर व ककोर बुजुर्ग थाना की जमीन पर भी जो अवैध प्लाटिंग है। इसमें भी औरैया शहर निवासी दो भू माफिया की कुंडली खुल सकती है। इन दो नामों के साथ एक माफिया दिबियापुर निवासी भी बताया जा रहा है। सदर तहसील के राजस्व कर्मचारी भी इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्हें महज अधिकारियों के फरमान का इंतजार है।
‘पहले सेहुद में जमीन देखी गई थी, लेकिन ककोर मुख्यालय के पास ही मालखाना सदर व ककोर बुजुर्ग थाना बनाने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में सेहुद की जगह ककोर में ही मालखाना सदर व ककोर बुजु्र्ग थाना बनाए जाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है, जो कि लंबित है।’
-चारू निगम, पुलिस अधीक्षक औरैया
सेहुद की जो जमीन थाना व मालखाने के नाम से सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। उस पर कुछ भूमाफियाओं ने प्लाटिंग कर रखी है, जो अवैध है। मामला संज्ञान में है। उस पर भी पूरी नजर है। जल्द ही उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। -रणवीर सिंह, तहसीलदार सदर