लापरवाही के चलते आए दिन ट्रेन से होने वाले हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इसके बाद भी वह चेत नहीं रहे है। हादसों की संख्या में कमी लाने के लिए दो साल पहले रेलवे स्टेशन फफूंद की क्रासिंग पर ओवरब्रिज तैयार कराया था। लेकिन लोगों ने इसका प्रयोग करना उचित नहीं समझा। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी और राहगीरों की लापरवाही से अक्सर हादसे होते रहते हैं। लोगों को समझना चाहिए कि देश का सबसे व्यस्ततम दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर प्रत्येक 3 से 4 मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। ट्रेनों की गति इतनी अधिक होती है कि पलक झपकते आप के पास तक पहुंच सकती है।
रेलवे स्टेशन फफूंद के आरपीएफ प्रभारी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि अवैध रूप से रेलवे लाइन पार करने में भी रेलवे एक्ट की धारा 147 में निरुद्ध किया जाता है। इसमें एक हजार रुपये जुर्माना या छह माह का कारावास या फिर दोनों की सजा हो सकती है। जबकि अवैध रुप से रेलवे लाइन पार कर रहे किसी व्यक्ति का वाहन ट्रेन से टकराने पर रेलवे एक्ट की धारा 153 में निरुद्ध किया जाता है। इसमें 5 वर्ष की सजा या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।
ओवरब्रिज पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां नहीं
रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर ककराही बाजार एवं भगवतीगंज क्षेत्रों में रहने वाले सभासद प्रतिनिधि अरविंद पोरवाल, अंशू ठाकुर, पप्पू टेलर, दीपू सोनी आदि का कहना है कि ओवरब्रिज पर क्रासिंग के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए सीढ़ियां बनाईं जानीं थी। परंतु सीढ़ियां बनाए बिना ही सेतु निगम के अधिकारी चले गए। यहां के निवासियों को पैदल लाइन पार जाने के लिए ओवरब्रिज होते हुए दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसलिए लोग जान जोखिम में उठाते हैं। ओवरब्रिज पर सीढ़ियां बनाए जाने की लोगों ने मांग की है।