बिधूना। उपमंडी समिति में खाद्य विभाग के बने दो गेहूं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कहीं ताला लटका मिला। असल में मंडी में गेहूं के दाम बढ़कर करीब 2500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचने के बाद सरकारी क्रय केंद्रों पर जाने से किसान कतरा रहे हैं।
बिधूना की उप मंडी समिति में खाद्य विभाग द्वारा संचालित दो क्रय केंद्रों पर अब तक लगभग 2000 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका है। शनिवार को पड़ताल के दौरान गेहूं खरीद का कार्य लगभग ठप सा नजर आया। केंद्र प्रभारियों के अनुसार मंडी में मिल रहे बेहतर दाम और भुगतान की त्वरित व्यवस्था के कारण किसान सरकारी केंद्रों के बजाय मंडियों में उपज बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। खाद्य विभाग के प्रथम केंद्र पर अब तक लगभग एक हजार 1047.50 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है।
केंद्र प्रभारी रामनारायण ने बताया कि सरकारी समर्थन मूल्य 2585 प्रति क्विंटल है, लेकिन मंडी और सरकारी रेट में मामूली अंतर होने के चलते किसान मंडी का रुख कर रहे हैं। किसानों को बराबर सरकारी केंद्र पर गेहूं बेचने को जागरूक किया जा रहा।
दूसरे केंद्र के प्रभारी बलिराज ने बताया कि अब तक 19 किसानों से 919 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है, जो भी किसान गेहूं लेकर आ रहा है, उसकी खरीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसान पंजीकरण कराकर सीधे केंद्रों पर गेहूं बेच सकते हैं और शासन की ओर से प्रक्रिया को सरल किया गया है।
वहीं, सराय प्रथम स्थित पीसीएफ के बी-पैक्स केंद्र पर शनिवार को केंद्र प्रभारी लोकपति त्रिपाठी के अवकाश पर होने के कारण ताला लटका मिला। फोन पर संपर्क करने पर प्रभारी ने बताया कि अवकाश के चलते केंद्र बंद रहा।