फफूंद। कस्बे में रामलीला महोत्सव की शुरुआत में दो दिन शेष हैं। रामलीला मैदान के सामने बने रावण के पुतले के स्टैंड गिरने के बाद दूसरे पक्ष ने स्टे ले लिया है। इसके बाद थाने में दोनों पक्षों को लेकर बैठक बुलाई गई। इसमें रामलीला समिति ने पुरानी जगह पर ही पुतला दहन करने की बात कही गई। दूसरा पक्ष राजी नहीं हुआ और बैठक बेनतीजा रही। बाद में विवाद की स्थित भांपकर पुलिस ने छह लोगों को धारा 130 के तहत पाबंद कर दिया है।
कस्बे के रामलीला मैदान में वर्ष 1973 से 13 दिवसीय रामलीला महोत्सव का आयोजन होता आ रहा है। दशहरा मेला के लिए रावण पुतले का स्टैंड भी बना हुआ था। स्टैंड गिरने के बाद कुछ लोगों ने उक्त जमीन पर अपनी दावेदारी की और कोर्ट से स्टे ले लिया। इससे पुतला स्टैंड निर्माण पर विवाद की स्थिति बन गई है। तनाव देखते हुए शुक्रवार की दोपहर सीओ अजीतमल सृष्टि सिंह और निरीक्षक जयप्रकाश पाल ने दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर समझाया।
रामलीला कमेटी को स्टे आर्डर दिखाते हुए सामने पड़ी जगह पर रावण का पुतला दहन करने को कहा गया। इस पर राम लीला कमेटी के लोगों ने आपत्ति जताई। काफी देर समझाने के बाद भी दोनों पक्षों में बात नहीं बन सकी। वहीं, रामलीला कमेटी की बैठक की गई। कमेटी अध्यक्ष कृपा शंकर शुक्ला व संरक्षक अनिल अग्निहोत्री, संतोष शुक्ल, माधवेंद्र मोहन, मयंक व नितिन तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन प्राचीन जगह की बजाय दूसरी जगह पर पुतला दहन करने का दबाव बना रहा है। इससे लोगों में आक्रोश है। 22 सितंबर से शंकर बारात के साथ ही रामलीला महोत्सव शुरू होना है। अगर न्याय नहीं मिला तो रामलीला कमेटी धरना प्रदर्शन करेगी और पुतला दहन कार्यक्रम भी नहीं किया जाएगा।