दिबियापुर। चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति के कारण दिबियापुर के विभिन्न बूथों पर भाजपा और सपा के बीच ही कड़ा मुकाबला नजर आया। बहुजन समाज पार्टी काफी पिछड़ती नजर आई, लेकिन आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा, सपा और बसपा के पक्ष में मतदाताओं ने जमकर वोट डाले।
भाजपा के रणनीतिकारों ने चुनाव से पहले विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को अपने पाले में खींचकर लाने की रणनीति बनाई थी। इसी रणनीति के तहत दिबियापुर में बसपा से दिबियापुर विधान सभा से प्रत्याशी रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार अवस्थी को सबसे पहले भाजपा ने अपने पाले में खींच लाए।
मतदान से दो दिन पहले दिबियापुर के पूर्व चेयरमैन एवं एक वर्ष पहले ही बसपा से दिबियापुर नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे बसपा जिला सचिव अरविंद पोरवाल को अपने पाले में लाने में कामयाब रहे। बताते हैं कि दोनों नेताओं के भाजपा के पाले में आने के बाद दिबियापुर में बहुजन समाज पार्टी काफी पिछड़ गई। इसका परिणाम सोमवार को हुए मतदान के दौरान साफ दिखा। अधिकतर बूथों पर सपा और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
हालांकि इस बीच चर्चा रही कि दिबियापुर के कुछ बड़े भाजपा नेता गुपचुप तरीके से सपा प्रत्याशी को जिताने में लगे रहे जबकि सपा के कुछ बड़े नेता, भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने में लगे रहे। पिछले दिनों सपा की मीटिंगों में इन सपा नेताओं की नामौजूदगी व भाजपा की मीटिंगों में इन भाजपा नेताओं की नामौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी थी।