फोटो-21एयूआरपी05- एक्सरे कक्ष के बाहर का दृश्य। संवाद
औरैया। यदि आपकी हड्डी टूटे तो शहर के जिला अस्पताल में इसका इलाज नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को मेडिकल कॉलेज चिचौली की परिक्रमा करनी पड़ती है। 50 शैया जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का अभाव है। अस्पताल में हड्डी उपचार के सारे संसाधन हैं लेकिन डॉक्टर के अभाव में मरीजों को जरूरी उपचार नहीं मिल पा रहा है। चिचौली मेडिकल कॉलेज में संसाधनों के साथ-साथ डॉक्टर भी हैं।
शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में हर रोज हादसों में घायल 20 से ज्यादा मरीज आते हैं। इमरजेंसी में इन्हें प्राथमिक उपचार दिया जाता है। इसके बाद उन्हें महज रेफर कर दिया जाता है। वहीं, हड्डी रोग से ग्रसित वृद्ध भी आते हैं। शहर के जिला अस्पताल में शहर के अलावा 100 के करीब गांव के लोग उपचार के लिए आते हैं। 50 शैया जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का अभाव पिछले डेढ़ साल से हैं।
ऐसे में हड्डी की समस्या से ग्रसित मरीजों को उपचार के लिए शहर से सात किमी दूर चिचौली मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ये जहमत वो तब उठा रहे हैं जबकि 50 शैया जिला अस्पताल में एक्सरे से लेकर प्लास्टर तक की सुविधा है। सारे संसाधन होने के बाद भी मरीजों को जरूरी उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने हड्डी रोग विशेषज्ञ की डिमांड शासन में भेजी गई है। सीएमओ को भी इस मामले में अवगत कराया गया है।