दिबियापुर बाईपास का अधूरा नाला।
- फोटो : दिबियापुर बाईपास का अधूरा नाला।
औरैया। शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए निर्माणाधीन अधूरे नालों को पूरा करने में बजट का संकट खड़ा हो गया है। इस मद में पालिका के पास मिला बजट खत्म हो चुका है। दूसरी किस्त अभी आई नहीं है।
इससे नाला निर्माण रुक गया है। इन हालात में शहर के कई मोहल्ले जलभराव के संकट से जूझेंगे। शहर के भीखमपुर (दयालपुर) और शहर के उत्तरी भाग में जलनिकासी के लिए नरोत्तमपुर के पास नगर पालिका द्वारा शासन से मिली पहली किस्त में नालों का निर्माण शुरू कराया था। अब बजट खत्म हो जाने से नाले अधूरे पड़े हैं। दूसरी किस्त न आने से बरसात में फिलहाल इन नालों का निर्माण पूरा हो पाना संभव नहीं दिखता।
ऐसे में शहर के दर्जन भर से अधिक मोहल्लों में बारिश का पानी भरने का संकट मंडरा रहा है। शहर के दयालपुर में स्थित एक तालाब पर अतिक्रमण से जलभराव का इंतजाम पहले ही खत्म हो चुका है। इस तालाब में आधे मोहल्ले के घरों का पानी इकट्ठा होता था।
तालाब गंदगी से पट जाने से गर्मी में भी गलियों व घरों की चौखट तक पानी भरता है। इसके लिए पालिका ने हाईवे किनारे नाला निर्माण शुरू कराया था, लेकिन बजट खत्म होने से यह नाला हाईवे से मोहल्ले की तरफ नहीं पहुंच सका।
नाला अधूरा रहने से बारिश में मोहल्ला टापू बनने के पूरे आसार हैं। यही हाल नरोत्तमपुर के पास बनने वाले नाले का है। इस नाले से नारायनपुर उत्तरी, गोविंदनगर उत्तरी व पश्चिमी के साथ दिबियापुर बाईपास क्षेत्र किनारे बसे घरों का पानी निकालने की तैयारी है। बजट के अभाव में यह नाला भी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच सका। इससे दिबियापुर बाईपास के आसपास जलभराव हो सकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता का कहना है कि नए वित्तीय वर्ष में पालिका को अभी बजट जारी नहीं हो सका है। पिछले वित्तीय वर्ष में मिले बजट से नाला निर्माण शुरू कराया गया था। कुछ कार्य अधूरा रह गया है। दूसरी किस्त आते ही उसे पूरा कराया जाएगा।