अजीतमल। नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल में जल निगम की लापरवाही लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।
अजीतमल तिराहे से चकसत्तापुर बंबे तक जल निगम ने नाला बनवाया और साढ़े 14 करोड़ रुपये भी खर्च किए, लेकिन नाले की सफाई करने से पहले कार्यदायी संस्था ने इसे चालू करा दिया। अब नाला चोक पड़ा है।
इससे सड़क से ढाई फिट ऊंचे बने इस नाले का पानी ब्लॉक रोड पर बने मकानों में घुस रहा है। इससे करीब 100 परिवार परेशान हैं। अजीतमल तिराहे से चकसत्तापुर बंबे तक 14.50 करोड़ से नाला निर्माण कराया था, लेकिन नाला सफाई कराए बिना ही कार्यदायी संस्था ने उसे शुरू करवा दिया।
नाले में कूड़ा-कचरा भरने से वह चोक है। मोहल्ला निवासी डॉ. रामजी मिश्रा का कहना है कि जब नाला बनाया गया था, तभी इसका विरोध किया गया था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने मनमानी की। कुन्नू तिवारी ने बताया कि यहां कई पुराने मकान बने हुए हैं। नाले की ऊंचाई सड़क से ढाई फिट ऊपर है। इससे नीचे बने घरों में नाले का पानी भर जाता है।
अधिवक्ता अरविंद सेंगर का कहना है कि सड़क से ऊपर नाला बनाने का विरोध किया गया था, लेकिन उस समय मनमानी की गई। नाला चोक पड़ा है। कल्लू तोमर का कहना है कि ऊंचाई में नाला बनने से बरसात में घर तालाब बन जाते हैं।
चेयरमैन बोलीं-पंपिंग सेट से निकाला जाएगा पानी
उधर, नगर पंचायत चेयरमैन आशा चक ने बताया कि सफाई न कराकर कार्यदायी संस्था ने नाला शुरू करवा दिया है। सफाई कर्मचारी इसी नाले पर कार्य कर रहे हैं। जलभराव होने पर पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जाएगा।