नेचुरल गैस की अनुपलब्धता एवं एनआरएलडीसी से डिमांड न होने पर एनटीपीसी औरैया की सभी इकाइयां पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह से बंद हैं।
एनटीपीसी संयंत्र के इकाइयां कब प्रारंभ होंगी। यह सवाल उठाने पर अधिकारियों ने बस इतना ही कहा कि मांग होने एवं गैस की उपलब्धता होने पर प्रोडक्शन प्रारंभ किया जाएगा। हालांकि अधिकारियों ने इतना अवश्य जोड़ा कि संयंत्र उत्पादन के लिए पूरी तरह से तैयार है।
दिबियापुर में एनटीपीसी का गैस आधारित 652 मेगावाट का संयंत्र है, यहां पर अलग- अलग पांच इकाइयां काम करती हैं। उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तरांचल को एनटीपीसी औरैया बिजली बेचती है। साथ ही रेलवे को भी बिजली आपूर्ति की जाती है।
एनटीपीसी अधिकारी बताते हैं कि नार्दन रीजन लोड डिस्पेच सेंटर (एनआरएलडीसी) की डिमांड के अनुरूप एनटीपीसी औरैया विद्युत उत्पादन करती हैा।
बताते हैं कि एक माह से लोड डिमांड न के बराबर आ रहा है। इसके साथ ही प्लांट में ईधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली नेचुरल गैस की अनुपलब्धता भी है। इसके चलते एक माह से प्लांट की इकाइयां कम चल पा रही हैं।
लोड डिमांड होने पर कुछ दिन इकाइयां चलाईं जातीं हैं, फिर कुछ दिन के लिए बंद कर दी जाती हैं। एक सप्ताह से तो लोड डिमांड न होने एवं गैस की अनुपलब्धता के चलते सभी इकाइयां बंद पड़ी हैं।
यहां बता दें कि गैस आधारित एनटीपीसी औरैया संयंत्र से उत्पादित बिजली महंगी होने के कारण वैसे भी यहां अधिकतर पांच में से दो यूनिटें ही चल पाती हैं। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश केबिनेट ने एनटीपीसी में प्रयुक्त नेचुरल गैस पर वैट एवं प्रवेश कर में छूट दिए जाने का फैसला लिया था।
इससे एनटीपीसी कर्मियों एवं अधिकारियों में खासा उत्साह था। माना जा रहा था कि अब एनटीपीसी की अधिकाधिक इकाइयां वर्ष भर काम कर सकेंगी। हालांकि एनटीपीसी की सभी यूनिटें बंद होने के संबंध में कोई अधिकारी औपचारिक तौर पर बोलने को तैयार नहीं हुआ।