संवाद न्यूज एजेंसी फफूंद। कस्बा के रजबहा के टेल क्षेत्र में व्यर्थ जाने वाला अतिरिक्त पानी अब बर्बाद नहीं होगा। नहर नदी जोड़ो अभियान के तहत टेल को प्राकृतिक नाले और सेंगर नदी से जोड़ने का काम पूरा हो गया है। जल्द ही इसको शुरू कर दिया जाएगा।
क्षेत्र में निकले फफूंद रजबहा से साढ़े 30 किलोमीटर इलाके में नौ माइनरों द्वारा चार हजार हेक्टेयर जमीन की फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलता है। अक्सर रजबहा में पानी ओवरफ्लो होने से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए उसे सिम्हारा टेल क्षेत्र में बने खारिजा से छोड़ दिया जाता था। इससे काफी पानी बर्बाद होता था।
भूजल को बर्बाद होने से बचाने के प्रयासों में लगे रजबहा अध्यक्ष गिरधर भक्त मिश्रा ने व्यर्थ जाने वाले पानी को उपयोग ने लेने को उन्होंने नहर नदी जोड़ो अभियान चला रही दिल्ली की विश्व पर्यावरण संस्था डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से बात की। इस पर संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर हिमांशु शर्मा ने अपनी टीम के साथ रजबहा का निरीक्षण किया और टेल क्षेत्र को माहतेपुर गांव से निकले प्राकृतिक नाले से जोड़ने का काम शुरू करा दिया।
काम लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही पानी छोड़ दिया जाएगा। रजबहा अध्यक्ष गिरधर भक्त मिश्रा ने बताया की कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही पानी छोड़ा जाना है। टेल खारिजा से निकलने वाला पानी अब बर्बाद न होकर सीधा प्राकृतिक नाले से होता हुआ सेंगर नदी में गिरेगा। इससे नाला क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। उनकी भूजल से निर्भरता काफी कम होगी।