अछल्दा/बिधूना। बिधूना सहकारी संघ के प्रभारी सचिव देवेंद्र सिंह तोमर की संदिग्ध हालात में रविवार को मौत हो गई थी।
देर शाम शव गांव पहुंचने पर उनकी पत्नी मीना देवी दोनों बच्चों के साथ पहुंचीं। उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। बाद में ब्लॉक प्रमुख शरद राणा और पुलिस के समझाने के बाद अंतिम संस्कार कराया।
गांव सलेमपुर निवासी देवेंद्र सिंह तोमर (39) घर में अचेत अवस्था में पड़े मिले थे। बिधूना सीएचसी में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। परिजन को उनके शरीर पर चोट के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते विसरा सुरक्षित किया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे तो सूचना पर पत्नी मीना देवी बेटे आयुष, नंदू और बेटी अक्षिता के साथ पहुंच गईं। उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि वह बीते आठ सालों से बच्चों के साथ अपने मायके लवेदी में रह रही हैं। उनका पति के साथ न्यायालय में मुकदमा चल रहा था।
सूचना पर ब्लॉक प्रमुख शरण राणा और थाना प्रभारी सुरेश चंद्र ने पहुंचकर उन्हें समझाया। काफी देर चली वार्ता के बाद बेटों के नाम संपत्ति करने के आश्वासन के बाद वह मानीं। देवेंद्र सिंह तोमर अकेले ही घर में रहते थे, जबकि पिता व अन्य तीन भाई अलग घर में रहते थे।