मासूम की मौत पर गमगीन परिजन। संवाद
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अयाना। थाना क्षेत्र के रहटौली गांव में शनिवार रात ताऊ के घर सोने के लिए भाई-बहनों से साथ गई मासूम के ऊपर शौचालय की दीवार से गिर गई और मलबे में दबकर उसकी मौत हो गई। पुलिस को सूचना दिए बिना परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
रहटौली निवासी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि वह पत्नी वंदना व चार बच्चों के साथ गांव के बाहर झोपड़ी बनाकर रहता है। उसने आवास के लिए आवेदन करने के बाद सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर काटे पर आज तक आवास नहीं मिल सका। शिवेंद्र ने बताया कि इस पर वह रात में सुरक्षा की दृष्टि से अपने बच्चों नितेश(10), खुशी (6), तन्नू (04) व लव (2) को बड़े भाई राजेंद्र कुमार के घर भेज देता था।
शनिवार शाम बच्चे राजेंद्र के घर पर सोने गए थे। शाम करीब साढ़े छह बजे तन्नू घर पर शौचालय की दीवार से सटी बैठी थी। तभी अचानक से दीवार भरभराकर उसके ऊपर गिर गई। जिससे तन्नू दीवार के मलबे में दब गई। तन्नू के ऊपर दीवार गिरते देख वहां मौजूद परिजनों ने तत्काल उसे मलबे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में सीएचसी अयाना में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देख कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर ले जाते वक्त मुरादगंज के पास उसने
दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए रविवार सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में अयाना थानाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने बताया कि घटना संज्ञान में नहीं है।
आवास होता तो बच जाती जान
शिवेंद्र के पास महज चार विस्बा जमीन है। जिसमें वह कच्ची झोपड़ी रख कर रह रहा है। आवास के लिए सरकारी कर्मचारियों के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक गया। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े भाई के घर में सोने के लिए भेजता था।
- बहन की मौत के बाद गुमसुम खड़े मासूम भाई-बहन। संवाद- फोटो : AURAIYA