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सर्प काल योग दहन करने को पचनद स्नान

Wed, 14 Jan 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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आज मकर संक्रांति का पर्व है। इस पर्व पर बीहड़ क्षेत्र के पचनदे पर काल सर्प योग से मोक्ष पाने के लिए बड़ी संख्या में औरैया, इटावा, जालौन, झांसी, ललितपुर के अलावा राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा व मध्य प्रदेश के श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे।
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भारेश्वर, कालेश्वर, कर्णखेरा, मुकुंदवन व प्रमोदवन से सुशोभित पचनद स्थल पर धर्म, लाभ लेने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

यमुना, चंबल, सिंधु, क्वारी और पहुज नदियों का समागम स्थल पचनद इटावा, औरैया व जालौन की सीमा पर स्थित है। प्राचीन काल से इस स्थान को तपोभूमि के नाम से माना जाता रहा है। श्रीमद् भागवत पुराण में वर्णित इस स्थान पर बड़े-बड़े ऋषि-मुनियों ने तप करके इस भूमि को पावन किया है।

पचनद स्थल पर प्रात: काल में स्नान कर सूर्यदेव को आचमन करने के बाद यहां भगवान आशुतोष महाराज की आराधना करने की सदियों पुरानी परंपरा है।

मकर संक्रांति पर इस स्थान का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस पर्व पर सुबह की बेला में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का काल सर्प योग टल जाता है तथा उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं।
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शास्त्रों में इस अवधि को विशेष शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु स्नान करने के बाद भगवान भारेश्वर, भोलेश्वर, आशुतोष महाराज आदि की तिल, अक्षत, फल, मिष्ठान, रेवड़ी आदि से पूजन कर विप्रों को दान करते हैं।

इस बार भी मकर संक्रांति के पर्व पर पचनद स्थल पर स्थित कर्णखेरा, मुकुंदवन, प्रमोदवन, कालेश्वर व भारेश्वर मंदिरों पर श्रद्धा के साथ पूजा करने की तैयारी की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर पर पुलिस ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

वहीं मंदिरों पर भव्य सजावट की गई है। पचनद स्थित कालेश्वर मंदिर के महंत अश्वनी महाराज बताते हैं कि हर वर्ष मकर संक्रांति के पर्व के दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पचनद स्नान कर पुण्य लाभ कमाते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पचनद स्थल पर श्रद्धालुओं की सहूलियत के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की गई हैं।
 
शेरगढ़ घाट पर भी जुटेंगे श्रद्धालु - औरैया। मकर संक्रांति का पर्व को रीति-रिवाजों के अनुसार मनाने के लिए धर्म प्रेमियों में अभी से उत्साह साफ झलक रहा है। पचनद के बाद शहरी सीमा से पांच किलोमीटर दूर यमुना नदी के शेरगढ़ घाट पर मकर संक्रांति के पर्व पर हजारों श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाने को जुटेंगे।
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