फोटो-22- शहर के कानपुर रोड पर दोपहर के समय छाया सन्नाटा। संवाद
औरैया/बिधूना। तेज धूप और बढ़ती गर्मी ने लोगों को बेचैन कर दिया। सुबह करीब 10 बजे के बाद तेज धूप ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। लोग पसीने से तरबतर रहे। दोपहर होते-होते पारा 42 डिग्री पहुंचने से गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। इससे बाजार से लेकर खेतों तक सन्नाटा नजर आया।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहा। बृहस्पतिवार की तुलना में अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी व न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हवा की रफ्तार भी 12 से बढ़कर 16 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज धूप और गर्म हवाओं जैसे हालात के चलते जल्द ही लू की दस्तक भी देखने को मिल सकती है।
शुक्रवार को गर्मी के बीच किसान खेतों में काम करते न के बराबर नजर आए। वहीं बाजारों में भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिंक, नींबू पानी और गन्ने के रस का सहारा लेते नजर आए। लोगों का कहना है कि यदि अभी यह हाल है तो मई-जून में गर्मी और अधिक विकराल रूप ले सकती है। इससे जनजीवन और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।
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गर्मी में बंदर भी बेहाल
अछल्दा। अप्रैल में बढ़ रही गर्मी से इंसान के साथ-साथ बेजुबानों को भी परेशान कर रही है। कई दिनों से उमस भरी गर्मी के कारण लोगों की हालत खराब है। शुक्रवार को गर्मी के कारण बंदर भी परेशान दिखे और वह प्यास बुझाने को पानी की तलाश में रहे। नहर किनारे के पास बंदरों का झुंड तेज उमस के कारण बेहाल हो गया। तेज धूप से गला सूखने लगा तो लोगों ने एक टब को जमीन में गाड़कर उसमें पानी भर दिया। तब बंदरों ने इस टब से अपनी प्यास बुझाई। (संवाद)
फोटो-22- शहर के कानपुर रोड पर दोपहर के समय छाया सन्नाटा। संवाद