शिक्षक की उपयोगिता जीवन पर्यंत बनी रहती है। सेवानिवृत्त के बाद भी समाजसेवा में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। शिक्षक देश का भविष्य निर्माता है। राष्ट्र में उसकी उपयोगिता कभी कम नहीं हो सकती है। यह बात शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान मुख्य अतिथि चेयरमैन प्रतिनिधि लालजी शुक्ला ने कही।
शुक्रवार को दर्शन महाविद्यालय में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर हुई। मुख्य अतिथि लालजी शुक्ला ने कहा कि समाज में भ्रष्टाचार व अन्य सामाजिक बुराइयां है।
शिक्षक को छात्रों को ऐसी शिक्षा देनी चाहिए, जिससे वह न तो किसी के साथ अन्याय करे और न ही अन्याय को सहन करें।
प्राचार्य डा. मंजू मिश्रा ने कहा कि शिक्षा से समाज का विकास संभव है। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें और अधिक अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगा
सम्मान पाने वाले शिक्षकों में आन्जेय सहाय अवस्थी, सुरेश कुमार दीक्षित, रविंद्र नाथ मिश्र, मधुर गुप्ता, राम प्रसाद, कुसुम कुमारी, उमाकांत दीक्षित, उमेश कुमार बाजपेयी, शैलेंद्र कुमार, केपी सेंगर, प्रमोद कुमार दीक्षित, प्रशांत शुक्ला, आनंद कुमार, आशुतोष यादव, अनिल कुमार प्रमुख रहे।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के अनुराग अवस्थी, ह्रदय नारायण तिवारी, आदित्य मिश्रा, सुशील कुमार पांडेय, गुंजन त्रिवेदी, प्रीति गुप्ता, विवेक सिंह सेंगर, डा. ह्रदय नारायण अवस्थी, अनुराधा अवस्थी, शिवानी मिश्रा, कृति गर्ग, रश्मि कुशवाहा, राम गोविंद दीक्षित आदि मौजूद रहे।