संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी नाना के घर रह रही दसवीं की छात्रा को ज्वलनशील पदार्थ डालने से झुलसी छात्रा की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से डॉक्टर ने उसे कानपुर रेफर कर दिया था।
इस प्रकरण में छात्रा की ओर से दी गई जानकारी पर उसकी मां ने कुछ लोगों पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की बात कही थी। वहीं मामले में जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने छात्रा के एचटी लाइन के करंट की चपेट में आने से झुलसने की बात कही।
घटना का खुलासा करते हुए एसपी चारू निगम ने बताया कि छात्रा किसी ज्वलनशील पदार्थ के डाले जाने से नहीं बल्कि एचटी लाइन से लगे करंट से झुलसी है। इसमें बुधवार की रात अस्पताल के डॉक्टर की ओर से ओल्ड बर्निंग की बात कही गई थी। गांव में जांच के दौरान की गई पूछताछ में गांव निवासी एक बुजुर्ग दंपती ने बताया कि पीड़िता तीन दिन पहले उनकी छत पर दिखी थी।
जहां से उनकी छत पर थोड़ी दूरी पर 11 हजार केवी की लाइन है। इससे भागते समय पीड़िता के छू जाने से वह झटका लगने से वहीं गिर गई। इससे उसका चेहरा व हाथ झुलस गए। एसपी ने बताया कि मौके पर लगे इंसुलेटर पर जलने के कुछ निशान मिले हैं। साथ ही घटना स्थल पर कई जगह खून के निशान मिले हैं। जिन्हें फारेंसिक टीम ने सैंपल के रूप में जुटा लिया है।
वहीं पूछताछ में पीड़िता की मित्र ने बताया कि पीड़िता व उसका नाबालिग मित्र दो दिन पहले रात में निकले थे। इस छत से पीड़िता ने जब ऊपर से नीचे अपने दोस्त को आवाज लगाने का प्रयास किया तभी उसका अचानक उसका एचटी लाइन से हाथ छू गया। झटका लगने से पीड़िता वहीं गिर गई। दोनों डर कर घर पहुंचे।
डर की वजह से परिवार के लोगों ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इससे परिवारीजनों को भी उनके रात में घर से निकलने के कारण की जानकारी नहीं हो सकी। बताया कि पीड़िता को कानपुर से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया गया है। वहीं पीड़िता मां की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ ज्वलन पदार्थ को लेकर दी गई तहरीर पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने की मांग की है। पीड़िता को मेडिकल सहायता दिलाने को लेकर पुलिस लगातार संपर्क में है।