मतगणना स्थल पर प्रवेश से पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट अनिवार्य किए जाने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ रही। एंटीजन किट के समाप्त होने के बाद भी जांच के इंतजार में लोग देरशाम तक अस्पताल परिसर में घूमते रहे।
जांच कराने के लिए लोग सामाजिक दूरी भूल गए। स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो लोग विवाद पर उतारू हो गए।
शुक्रवार की सुबह नौ बजे से ही शहर के 50 शय्या अस्पताल में कोरोना की जांच कराने वालों की भीड़ उमड़ी। अस्पताल परिसर के अलावा बाहर सड़क तक लोग खड़े रहे। इससे जाम की स्थिति भी बनी। सुबह 10 बजे जांच शुरू हुई।
भीड़ को देख सीएमओ के निर्देश पर अस्पताल परिसर में दो काउंटर लगाए गए। दोपहर एक टीम ने दो बजे तक एंटीजन किट समाप्त होने तक काम किया।
दूसरी टीम ने लगभग पौने तीन बजे तक एंटीजन किट समाप्त होने तक काम किया। टीमों ने बताया कि 600 सैंपलों में 207 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं।
इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी गई है। आलम यह रहा कि देरशाम तक एंटीजन किट आने और जांच के इंतजार में लोग मौजूद रहे।
मतगणना कर्मचारियों, प्रत्याशी व उनके समर्थकों की भीड़ के चलते आम लोगों को जांच कराने में काफी दिक्कतें रहीं। जांच कराने पहुंची महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई महिलाएं ऐसी रहीं जिन्होंने घंटों इंतजार किया और बाद वह बिना जांच कराए ही लौट गईं।
सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि भीड़ को देखते हुए कोरोना की जांच के लिए दो काउंटर लगाए गए थे। एंटीजन समाप्त होने तक टीमों ने जांचें की। सोशल डिस्टेंस का पालन कराने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते दिक्कत रही। स्वास्थ्यकर्मियों ने बार-बार लोगों से कहा, लेकिन कुछ देर बाद यही स्थिति देखने को मिली।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों पर एक हजार एंटीजन किट भेजी गईं थी। जहां से उनके समाप्त होने की जानकारी मिली है। कानपुर से एंटीजन किट मंगवाने के लिए गाड़ी भेजी गई है। शाम तक किट जिले में आ जाएंगी और शनिवार को जांच सभी सेंटरों पर की जाएंगी।