सावन के महीने की पहली झमाझम बरसात ने मौसम खुशनुमा हो गया। किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दूर हुईं और खुशी की झलक दिखाई दी। हालांकि नगरीय इलाके में कई मुहल्ले जलभराव के कारण टापू बने दिखाई दिए।
पिछले दो दिनों से आसमान पर छाने वाले बादल उमड़ घुमड़कर लौट जाते थे। इससे उमस भरी तेज गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। खेतों में पड़ी धान की पौध मुरझाने लगी थी।
किसानों की पेशानी पर पसीना साफ दिखाई दे रहा था।
शनिवार दोपहर में आसमान में उमड़े काले बादलों के बाद लगने लगा कि मूसलाधार बरसात होगी। रास्ते में राहगीर अपने वाहनों की हेड लाइट जलाकर गुजरने लगे।
इसके बाद जोरदार झमाझम बरसात का सिलसिला प्रारंभ हुआ। ढाई घंटे तक झमाझम बरसात होती रही। दिबियापुर में फफूंद चौराहा, भगवतीगंज की दुर्गा टाकीज गली समेत कई मुहल्ले टापू बन गए।
लोगों को निकलते तक में परेशानी हुई। सहायल तिराहे पर धसके नाला ओवरफ्लो होने से घरों में पानी घुसने लगा। कई अन्य इलाकों में भी जलभराव की स्थिति विकराल होने के कारण घरों में पानी घुस गया।