औरैया। जिले में नकली खाद का कारोबार का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। यह खाद किन-किन दुकानों व किसानों तक पहुंची है। इसका पता लगाने के लिए शहर से लेकर गांव तक खाक भी छान रही है लेकिन इस जांच को आगे बढ़ाने में कहीं न कहीं लैब की जांच रिपोर्ट रोड़ा डाले है। इसके पीछे वजह यह है कि नकली खाद के लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेगी। इसके बाद उन्हें दुकानों व किसानों तक ले जाकर आमना-सामना कराएगी लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसानों व दुकानों तक पहुंचाई गई नकली खाद की खेप ठिकाने लग चुकी होगी।
जालौन रोड किनारे एक मकान में नकली खाद कारोबार का भंडाफोड़ करने में सरकारी मशीनरी ने सफलता पाई है लेकिन जिले में कितनी नकली खाद खपा दी गई है। इसकी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही के बाद खाद दुकानों व किसानों की खाक तो छान रही है लेकिन इसमें जांच रिपोर्ट आने की देरी भी अड़ंगा डालेगी। कृषि विभाग का दावा है कि नकली डीएपी खाद के भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट 20 दिन बाद आएगी जबकि पुलिस का दावा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।
ऐसे में नकली खाद के कारोबारियों से नकली डीएपी लेने वाले दुकानदार तो इस खेप को बिक्री कर चुके होंगे। साथ ही साथ किसान भी इसे खपा चुके होंगे। जिले में कितने किसान ऐसे हो सकते हैं जो इस नकली खाद को खपा सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर फिलहाल कुछ खास गतिविधि नजर नहीं आ रही है। यदि देरी हुई तो अनजाने में किसान इस नकली खाद को अपनी फसलों में डाल देंगे। बाद में जब पुलिस व कृषि विभाग कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए किसानों तक पहुंचेगा तब तक देर हो चुकी होगी।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
मामले की विवेचना कर रहे अपराध निरीक्षक सत्यप्रकाश के मुताबिक नकली खाद की लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नकली खाद को लेकर किया जा रहा जागरूक
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि नकली खाद का भेजा गए सैंपल की जांच रिपोर्ट लैब से 20 दिन बाद आएगी। नकली खाद को लेकर दुकानों व किसानों को जागरूक किया जा रहा है।