फोटो-10- मैनपूठ नाले की जाती सफाई। संवाद
औरैया। दिबियापुर से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव में सैंकड़ों किसान हर साल छह माह जलभराव का दंश झेलते हैं। यहां जलनिकासी की व्यवस्था बेपटरी होने की वजह से छह माह खेतों में पानी भरा रहता है।
इस समस्या को देखते हुए अब दिबियापुर नगर पंचायत की ओर से मैनपूठ नाले की हेड से लेकर टेल तक सफाई का अभियान चलाया जा रहा है।
बारिश के दिनों में दिबियापुर कस्बा समेत आसपास के गांवों में जलभराव का संकट होता है। यहां कस्बा के फफूंद रोड किनारे वन विभाग की जमीन सालभर जलमग्न रहती है। यहीं नहीं कस्बा से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव की 40 बीघा से ज्यादा जमीन भी जलभराव की जद में रहती है। बारिश के बाद छह माह तक पानी भरा रहता है। ऐसे में यहां के किसान खेत होने के बावजूद फसलें नहीं उगा पाते हैं।
इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने खबरों का प्रकाशन कर किसानों की समस्या उठाई थी। स्थानीय लोगों की ओर से जलभराव की इस समस्या को लेकर मैनपूठ नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाए जाने की मांग की गई थी। जिसके बाद सिंचाई विभाग ने सर्वे भी किया था। ड्रोन से हुए सर्वे के बाद अब नगर पंचायत की ओर से नाले की हेड से लेकर टेल तक सफाई शुरू कराई गई है। यहां जेसीबी व श्रमिकों के द्वारा नाले की सिल्ट सफाई कराई जा रही है।
नगर पंचायत दिबियापुर के चेयरमैन राघव मिश्रा ने बताया कि नाले की विधिवत सफाई कराई जा रही है। बारिश के दिनों में जलभराव का संकट न हो। इसके लिए वृहद सफाई अभियान चलाया जा रहा है।