फोटो-36- परिजन से मुलाकात करती तहसीलदार मौजूद ननिहाल पक्ष के लोग।संवाद
कंचौसी । बिधूना तहसील क्षेत्र के गांव मधबापुर में माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुए दोनों बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी अब जिला प्रशासन संभालेगा।
शनिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर बिधूना तहसीलदार प्रतिभा पाल ने गांव पहुंचकर परिजन और ननिहाल के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ ही जल्द ही उनका दाखिला आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा।
गांव मधबापुर निवासी श्यामलदास और उनकी पत्नी पिंकी की हाल ही में मौत हो गई थी। पिंकी की मौत टीबी की बीमारी से हुई थी। वहीं अंतिम संस्कार के समय पत्नी की मांग में सिंदूर भरने के दौरान पति श्यामलदास की भी मौत हो गई थी। माता-पिता के चले जाने से उनके दो मासूम बेटे देव और दिव्यांशु अनाथ हो गए। अभी दोनों बच्चों की देखभाल उनके परिजन और ननिहाल के लोग कर रहे हैं।
शनिवार दोपहर तहसीलदार प्रतिभा पाल जब गांव पहुंचीं तो बच्चे अपने नाना के घर गए हुए थे। बाद में संदेश भेजकर बच्चों को गांव बुलवाया गया। तहसीलदार ने परिजन सुनील कुमार और बच्चों के नाना के साथ बैठकर प्रशासनिक मदद को लेकर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य की जिम्मेदारी प्रशासन की है, जिसमें परिजन को भी सहयोग करना होगा। इससे पहले बीडीओ सहार राजनरायन पांडेय ने भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर दंपती के मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज परिजन को सौंपे।
इस दौरान समाज कल्याण विभाग से अक्षय यादव, लेखपाल विनय कुमार, ग्राम प्रधान रामनरेश बाथम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
फोटो-36- परिजन से मुलाकात करती तहसीलदार मौजूद ननिहाल पक्ष के लोग।संवाद