औरैया। सराफा कारोबारी कमलकांत वर्मा व उसके करीबियों के यहां एनआईए की कार्रवाई को 10 दिन का समय बीत चुका है। इसके बाद भी जांच जारी है।
सूत्रों के अनुसार अब एनआईए ने रजिस्ट्री कार्यालय से कमलकांत द्वारा कराए गए जमीनों के बैनामे व अनुबंध की जानकारी जुटाई है। इसके आधार पर एनआईए संपत्तियों की जांच आगे बढ़ाएगी।
जिले में 13 स्थानों पर 4 दिसंबर को एक साथ एनआईए ने छापा मारकर करीब 15 घंटे सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान कमलकांत वर्मा के आवास से एनआईए ने अभिलेख भी जब्त किए थे। इसमें कुछ जमीनों के बैनामे और अनुबंध पत्र भी शामिल थे।
इनमें कुछ हिस्सेदारों के नाम भी एनआईए टीम के हाथ लगे थे। इसके बाद टीम ने रजिस्ट्री कार्यालय की वेबसाइट के साथ ही अन्य माध्यमों से बीते एक दशक में कमलकांत व उसके परिवार के नाम हुए जमीनों के बैनामे और अनुबंधों की जानकारी जुटाई है।
इसी जांच के दौरान कुछ अन्य प्रॉपर्टी डीलरों के नाम भी एनआईए के हाथ लगे हैं। इनसे कमलकांत का कनेक्शन कितना पुराना है इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। दूसरी तरफ कमलकांत का अब तक कोई अता-पता नहीं है।
चर्चा का विषय बने कई बिंदु
एनआईए कार्रवाई के बाद कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब अब तक किसी के पास नहीं हैं। इसमें से एक बड़ा सवाल है कि अगर एनआईए जांच में कुछ ठोस मिला है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। वहीं दूसरा सवाल यह भी है कि अगर कमलकांत के यहां से कोई आपराधिक गतिविधि की पुष्टि करने वाला सामान या अभिलेख नहीं मिला है तो वह सामने क्यों नहीं आ रहे हैं। लोगों के बीच ये दोनों ही बिंदु चर्चा का विषय बने हुए हैं।
कुछ करीबियों का ही है घर आना-जाना
सूत्रों के अनुसार कमलकांत के घर पर अब भी खुफिया विभाग द्वारा नजर रखी जा रही है। इसी के चलते कुछ गिने-चुने लोगों का ही कमलकांत के यहां आना-जाना है। वहीं, परिवार को कोई भी सदस्य अब तक सामने नहीं आया है।