औरैया। बिहार में अवैध असलहा और कारतूसों की तस्करी के आरोप में एनआईए को अंकल जी की तलाश थी। यह तलाश शहर के सराफा कारोबारी कमलकांत वर्मा पर आकर खत्म हुई।
दरअसल, पूर्व में गिरफ्तार हुए तस्करों ने एनआईए को अंकल जी नाम के आदमी से फोन पर बात करने की जानकारी दी थी। इसके बाद टीम कमलकांत तक पहुंची।
एनआईए देश के अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध असलहा और कारतूसों की तस्करी करने वाले सिंडीकेट के तार तलाश रही है। टीम बिहार के कैमूर से अंकल जी के कोड नेम से पहचाने जाने वाले एक आदमी की तलाश में औरैया तक पहुंच गई। दरअसल, एनआईए ने जो गिरफ्तारियां कीं उसमें सामने आया कि असलहों के लिए किसी अंकल जी से उनकी बात होती है।
उसका असली नाम किसी को नहीं पता था। सूत्रों के अनुसार, जांच में एनआईए ने कॉल रिकॉर्ड से लेकर सैकड़ों लोगों से पूछताछ भी की। इसके बाद पता चला कि अंकल जी और कोई नहीं बल्कि औरैया का सराफा कारोबारी कमलकांत वर्मा ही है।
अब कमलकांत की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडीकेट की परतें खुल सकती हैं। हालांकि एनआईए इस जांच के संबंध में जानकारी देने से बच रही है।
स्थानीय पुलिस भी है सक्रिय
एनआईए की कार्रवाई के बाद औरैया पुलिस भी सक्रिय है। वह, खुफिया तरीके से लोगों से कमलकांत के औरैया व आसपास के जिलों में करीबियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा कमलकांत के आवास और प्रतिष्ठानों की भी निगरानी की जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी भी इसकी जानकारी देने से बच रहे हैं।
परिवार का कोई सदस्य नहीं आया सामने
कमलकांत के आवास और प्रतिष्ठानों पर एनआईए की जांच को करीब एक पखवाड़े का समय बीत चुका है। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है, लेकिन इन सब के बीच परिवार का कोई भी सदस्य अब तक किसी के सामने नहीं आया है। मीडिया से बात करने से भी पूरा परिवार बच रहा है।