औरैया। एनआईए ने औरैया में छापा मारने से पहले कमलकांत वर्मा के साथ ही उसके करीबियों और परिवार की रेकी की थी। इसमें एनआईए को कमलकांत की कारों का प्रयोग असलहा लाने में किए जाने का मामला हाथ लगा।
इसके चलते ही जांच के बाद दोनों कारों को सीज कर दिया गया। किसी अन्य संपत्ति को सीज नहीं किया गया। बिहार में पकड़े के कमलकांत वर्मा के ड्राइवर शत्रुघ्न शर्मा उर्फ लाला ने एनआईए के सामने कई रोज खोले थे। लाला वर्तमान में शहर के गढ़ैया मोहल्ले में रह रहा था।
कमलकांत का भी पुराना मकान इसी मोहल्ले में है। लंबे समय से वह कमलकांत के लिए काम करता था। सूत्रों के अनुसार उससे पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां एनआईए को दीं। इसके बाद जांच टीम कमलकांत तक पहुंच गई।
टीम ने जब हरियाणा से उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार ले जाए जा रहे अवैध असलहों और कारतूसाें की जांच की तो उसमें कुछ वाहन भी चिह्नित किए गए थे। इसमें कमलकांत की कारें भी संदेह के घेरे में आ गईं। बाद में जांच के दौरान जब घर से वाहनों की नंबर प्लेटें बरामद हुईं तो टीम ने कमलकांत की दोनों कारों को सीज कर दिया।
जांच की वीडियोग्राफी भी कराई गई। एनआईए दोनों कारों को कोतवाली में खड़ा करा गई है। इन दोनों कारों पर कोतवाली पुलिस ने एनआईए द्वारा सीज लिखवाकर पीछे खड़ा करा दिया है। एनआईए की ओर से कमलकांत, उसके परिवार और संबंधियों समेत कुल 13 स्थानों पर छापा मारा गया था।
इस दौरान असलहा और नकदी के अलावा अन्य कोई चीज सीज नहीं की गई। राजकुमार शर्मा के यहां भी कार खड़ी थी और कमलकांत के भाई अजयकांत की कार तो पेट्रोल पंप पर ही खड़ी थी। इसके बाद भी चेकिंग के बाद इन कारों को छोड़ दिया गया।