उसने इसकी जानकारी जानवर चराकर लौटे पिता अरुण को दी। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह से मेन गेट का दरवाजा खोलकर फंदे पर लटकी खुशबू को उतारकर डॉक्टर के पास ले जा रहे थे। रास्ते में खुशबू ने दम तोड़ दिया। परिजन उसे हाईवे किनारे स्थित निजी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे।
डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन शव को वापस घर ले गए। उधर, जानकारी मिलने के बाद पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने आपसी विचार-विमर्श के बाद पुलिसिया झंझट से बचने के लिए पुलिस को जानकारी नहीं दी। दूसरे दिन पहुंचे मृतका के मामा राजवीर सिंह निवासी अंडाधारा थाना सहायल ने पुलिस को सूचना दी।
इस पर कोतवाल पंकज मिश्रा ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की। उधर, जानकारी होते ही अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा, नायब तहसीलदार पवन कुमार मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतका के पति, देवर व ससुर को पुलिस हिरासत में लेकर कोतवाली आई। उनसे पूछताछ की जा रही है। कोतवाल पंकज मिश्रा ने बताया कि मृतका के मायके वालों की ओर से किसी के खिलाफ न तो कोई तहरीर दी है और न ही कोई आरोप लगाया है। यदि कोई शिकायती पत्र मिलता है तो उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
खूशबू नहीं चाहती थी देवर से हो छोटी बहन शादी
छह माह पहले ब्याहकर ससुराल आई खुशबू घर में पति और ससुराल वालों के साथ खुश थी। कुछ दिन बाद बहन से मिलने आई छोटी बहन काजल का खुशबू के देवर छोटू से प्रेम-प्रसंग हो गया। दोनों परिवार वालों की सहमति के बाद छोटू और काजल की लगभग ढाई माह पहले शादी कर दी गई। छोटी बहन का देवरानी बनना खुशबू को रास नहीं आया।
खुशबू नहीं चाहती थी कि उसकी बहन देवरानी बने। उसने इस शादी को रोकने का बहुत प्रयास किया, लेकिन घर वालों के आगे उसकी न चली। शादी के बाद से दोनों के बीच मनमुटाव हो गया। आए दिन दोनों के बीच मारपीट भी होने लगी। मृतका के ससुर अरुण दोहरे ने बताया कि उन्होंने कई बार दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं मानीं। किसी न किसी बात को लेकर दोनों झगड़ती रहती थीं। बुधवार को भी दोनों के बीच आपस में झगड़ा हुआ था। इसके बाद खुशबू ने फंदा लगाकर जान दे दी।