फोटो-14-डाॅ.अजित द्विवेदी को हिंदी साहित्य रत्न से सम्मानित करते हिंदी प्रेमी।संवाद
फफूंद। विश्व हिंदी दिवस पर शनिवार को सामाजिक संस्था सोशल डेवलपमेंट कमेटी ने नेशनल पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें हिंदी भाषा के संरक्षण व संवर्धन को लेकर विचार व्यक्त किए गए। इस मौके पर डॉ. अजित द्विवेदी को हिंदी साहित्य रत्न से सम्मानित किया गया।
संस्था के अध्यक्ष आसिफ सिद्दीकी ने कहा कि हिंदी सरल और प्रभावी भाषा है। इसके माध्यम से हम अपने विचार सहजता से व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने हिंदी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। रामजी मिश्रा ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमें दैनिक कार्यों में इसका अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए।
वरिष्ठ रचनाकार डॉ. अजित द्विवेदी ने चिंता जताई कि समाज में हिंदी को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। गोष्ठी में रचनाकारों ने हिंदी पर आधारित अपनी रचनाओं का भी पाठ किया। इसमें बेचेलाल विद्रोही ने जिन मां-बाप के त्याग से इतना ऊपर आया है, बड़ा होने पर तुमने उन्हें कष्ट पहुंचाया है...रचना पढ़ी। इसके अलावा सलीम खान धाकड़, आनंद त्रिपाठी, अमरनाथ दीक्षित, इकराम खान और अफजल खान ने भी काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम में आयोजकों ने डॉ. अजित को हिंदी साहित्य रत्न से सम्मानित किया। इस दौरान राम अवतार अग्निहोत्री, सितांशु मिश्रा, नवीन वाजपेई, राम किशोर कठेरिया सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।