औरैया। देर से ही सही पालिका ने 16 माह बाद बिना शर्त के रोडवेज डिपो को जमीन सौंप दी है।
चार जनवरी 2025 को शहर स्थित डिपो के बगल में कब्जामुक्त कराई गई जमीन का कुछ हिस्सा अब स्थायी तौर पर डिपो को सौंपा गया है। अब कायाकल्प के प्रस्तावों को धरातल मिल सकेगा। जो सालों से सीमित दायरे की वजह से ठंडे बस्ते में था।
चार जनवरी 2025 को जिला प्रशासन ने रोडवेज डिपो से सटी 6.52 एकड़ जमीन को कब्जामुक्त कराया था। इस जमीन की कीमत 200 करोड़ से ज्यादा की आंकी गई थी। खाली कराई गई इस जमीन को फेंसिंग कराई गई थी। पालिका को इस जमीन को सौंप दिया गया था। इसी जमीन से सटी जमीन पर सालों से सीमित दायरे में रोडवेज का संचालन किया जा रहा है।
शहर में रोडवेज की बदहाली को दूर करने के लिए प्रशासन ने कब्जामुक्त कराई गई जमीन का कुछ हिस्सा डिपो को देने की तैयारी बनाई थी। इस कड़ी में पालिका की ओर से 2700 वर्ग मीटर दायरा शर्तों के आधार पर डिपो को दिया गया था। शर्तों के पेंच में इस जमीन पर डिपो महज बसों की पार्किंग तक सीमित रही। करीब 16 माह बाद इस जमीन को अब बिना शर्तों के रोडवेज डिपो को दे दिया गया है।
ऐसे में डिपो प्रशासन ने कायाकल्प कराने के लिए प्रस्तावों की पैरवी भी शुरू कर दी है। पर्याप्त जमीन की उपलब्धता के साथ ही अब शहर में लोगों को हाईटेक रोडवेज डिपो की सौगात मिल सकेगी।
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यात्री प्रतीक्षालय, बसों के प्लेटफार्म बनेंगे
डिपो प्रशासन की ओर से कायाकल्प कराने के लिए कई प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें बसों के प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। टिनशेड में चल रहे यात्री प्रतीक्षालय की जगह नया हॉल तैयार किया जाएगा। जहां पर लोगों के सहूलियत के इंतजाम होंगे। इसके साथ ही वर्कशॉप का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। खास तौर पर रोड पर खड़ी होने वाली बसों को अब डिपो के अंदर से सीधे रवाना किया जाएगा। ऐसे में सड़क पर होने वाली जद्दोजहद भी कम हो जाएगी।
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पालिका ने अब बिना शर्त जमीन को डिपो के सुपुर्द कर दिया है। ऐसे में अब लंबित पड़े प्रस्तावों के तहत कार्य कराए जा सकेंगे। इसके लिए परिवहन निगम से संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध कराई गई जमीन पर इंटरलॉकिंग कराई जा रही है।-अपर्णा मीनाक्षी, एआरएम रोडवेज डिपो