औरैया। अमरनाथ यात्रा के दौरान सीआरपीएफ जवानों ने यात्रियों की सुरक्षा में कोरकसर नहीं उठा रखी। अमरनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि शुरुआत में वे लोग दहशत में थे लेकिन जवानों को दहशत समाप्त हो गई थी।
मोहल्ला गढ़ैया निवासी गोलू वर्मा ने बताया कि वह रिश्तेदारों के साथ अमरनाथ यात्रा पर गया था। जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दर्शन कराए जा रहे थे। अमरनाथ यात्रा पर जून में तीन जत्थे शहर से रवाना हुए। एक जत्था गौरैया तालाब से रवाना हुआ। इसमें शहर के 10 युवा शामिल थे। इनमें से एक श्रीकृष्ण दुबे ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी घटना को लेकर दहशत तो थी लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो चप्पे-चप्पे पर मौजूद सीआरपीएफ के जवानों ने उनकी सारी दहशत समाप्त कर दी थी। स्टेशन से सीआरपीएफ के वाहनों से उन्हें भगवती नगर स्थित बेस कैंप ले जाया गया, जहां से 350 किलोमीटर की पहलग्राम चंदनवाड़ी की यात्रा बसों से कराई गई। चेक पोस्टों पर हर यात्री के सामानों की कड़ी जांच होती थी। पहलग्राम जाने वाली बसें और वाहनों की गिनती भी सीआरपीएफ जवान कर रहे थे।
गोलू वर्मा ने बताया कि भगवान शिव के दर्शन को अमरनाथ यात्रा करने वालों को वहां बहुत ही शांति मिलती नजर आई। आतंकियों से निपटने के लिए जवान पूरी तरह मुस्तैद रहे। अमरनाथ यात्रियों की किसी तरह दहशत में न रहें, इसके लिए जवान मुस्तैदी से ड्यूटी करते दिखे।
श्रीकृष्ण दुबे ने बताया कि अमरनाथ यात्रा भव्य रही। सफर के दौरान सुरक्षा में लगे जवानों द्वारा हर यात्री की मदद की जा रही थी। बताया कि किसी भी यात्री को किसी भी तरह की दिक्कत नजर आने या बताने पर सीआरपीएफ के जवान उसकी मदद भी करते दिखे।
सत्यम त्रिपाठी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद देखने को मिली थी। लगभग हर 10 कदम पर सीआरपीएफ के जवान मुस्तैदी से ड्यूटी करते दिखाई दे रहे हैं। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाला हर शिवभक्त सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ जवानों की नजर में रहता नजर आया।
लखन पोरवाल ने बताया कि बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दर्शन कराए जा रहे हैं। भक्तों की सुरक्षा को लेकर सीआरपीएफ जवान पूरी तरह सतर्क नजर आते दिखाई दे रहे थे।