निरीक्षण करते बिजली विभाग के अधिकारी
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शहर के एक नंबर बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर कराए गए निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। निर्माणाधीन भवन में छज्जा गिरने में मामले में जांच अधिकारी एई ने मौके का मुआयना कर निर्माण को पूरी तरह मानक विहीन करार दिया। उन्होंने निर्माण स्थल से सीमेंट मसाले का चूरा और इमारत में लगाई गई पीली ईट का सैंपल भी जांच के भरा। एई ने बताया कि उक्त रिपोर्ट 23 अप्रैल को डीएम के सामने होगी।
यमुना रोड स्थित 33/11 केवीए बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर बिजली विभाग के अधिकारियों की देखरेख में करीब 10 लाख रुपये बजट से एसडीओ कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। शुरूआती दौर से ही अमर उजाला ने निर्माण कार्य को मानक विहीन करार देते हुए कई दिनों तक खबरें प्रकाशित की थी। इसके बावजूद किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। परिणाम स्वरूप घटिया निर्माण सामग्री से निर्मित खिड़की का छज्जा नीचे आ गिरा। इसके बाद अधिकारियों में निर्माण को लेकर लिखा पढ़ी शुुरू हो गई।
मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम माला श्रीवास्तव ने पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिस पर शुक्रवार को मौके पर पहुंचे जांच अधिकारी एई पीडब्लूडी नरेश कुमार ने निर्माणाधीन इमारत का निरीक्षण किया। इसमें मानकों की अनदेखी पाई।
निर्माण में पूरी तरह से मानकों की अनदेखी की गई है। छत का लेंटर डालने में आठ एमएम का सरिया उपयोग किया गया है जो कि सीधे तौर पर कमी है। वहीं दीवारों में लगी ईटें सामने ही पीली दिख रही हैं। अब इन ईटों की क्षमता की भी जांच के साथ-साथ निर्माण में उपयोग किए गए सीमेंट, मसाले की जांच की जाएगी। 23 अप्रैल को रिपोर्ट डीएम के संज्ञान में प्रस्तुत कर दी जाएगी।
नरेश कुमार, एई, पीडब्लूडी