औरैया। जालौन रोड के किनारे जिस मकान को नकली खाद कारोबारियों ने अपना गोदाम बनाया। उस मकान का मालिक पुलिस विभाग में दरोगा है। वह गाजियाबाद में तैनात हैं। उनकी पत्नी सत्तेश्वर मोहल्ले में रहती हैं।
खाली मकान के शटर पर किराये के इश्तिहार को पढ़कर आरोपियों ने दरोगा की पत्नी से संपर्क किया था। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने एक साल के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह पर मकान किराये पर लिया था, इसका एग्रीमेंट भी किया। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने बड़े पैमाने पर नकली खाद का काम करने की प्लानिंग बना रखी थी।
शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी अजय कुमार सिंह गाजियाबाद में दरोगा हैं। यहां उनकी पत्नी रहती हैं। वहीं, जालौन रोड के किनारे उनका मकान बना हुआ है, जो खाली पड़ा था। दरोगा की पत्नी के मुताबिक शनि चौहान नाम के युवक ने इश्तिहार पढ़कर उनसे मकान किराये पर लेने की इच्छा जताई थी। शनि चौहान ने खुद को भीखेपुर निवासी बताकर मकान का एग्रीमेंट कराया। जिसमें यह भी बताया था कि भवन में खाद का काम किया जाएगा।
आरोपियों ने दरोगा की पत्नी को झांसे में लेने के लिए खाली भवन में वायरिंग व बिजली कनेक्शन तक करवा दिया था। एडवांस के तौर पर 5000 रुपये भी दिए थे। महिला का कहना है कि उन्हें नहीं मालूम था कि आरोपी यहां नकली खाद का कारोबार कर रहे हैं।
जानकारों की माने तो आरोपियों ने दरोगा का मकान इसलिए चुना था कि किसी को उन पर शक न हो। साथ ही दरोगा की पत्नी दूसरे घर पर अकेली रहती थीं। इससे मकान मालिक की भी नजर भवन में चल रही गतिविधि पर नहीं थी।
पुलिस विवेचना में मकान मालिक को भी शामिल किया गया है। एसपी अभिजित आर शंकर ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। इसमें मकान मालिक को भी शामिल किया जाएगा।