फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: ‘पंचायत एडवांस इंडेक्स’ पर दिखेगी प्रत्येक गांव की कुंडली

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। गांव कितना समृद्ध हुआ है और किस हद तक बदहाली है। अब प्रत्येक गांव की यह कुंडली ‘पंचायत एडवांस इंडेक्स’ पर नजर आएगी। एक एक ग्रामीण का ब्योरा इस पीएआई पोर्टल पर नजर आएगा। यह सब जानकारी पोर्टल में समाहित करने के लिए पंचायती राज विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक पंचायत के सचिव इसे ब्योरा को जुटाएंगे। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक मदद करेंगे। इस योजना के तहत जल्द ही जिले में प्रशिक्षण शुरू हो जाएंगे। शासन स्तर से इसे लेकर हरी झंडी मिल गई है।
विज्ञापन

जिले की 477 ग्राम पंचायतों में कितना विकास हुआ है। किन मामलों को लेकर गांवों में खामियां है। कितने लोग कर्जदार हैं। किस योजना के तहत लोग लाभान्वित हुए हैं। और कौन सी योजना के पात्र अभी भी वंंचित है। इन तथ्यों के साथ-साथ कितने लोगों पर मुकदमे हैं। कितने अपराधी है। सामाजिक तानाबाना कितना मजबूत है। करीब 100 मानकों के तरह प्रत्येक पंचायत का डेटा पंचायत एडवांस इंडेक्स पर जुटाया जाना है। इस पोर्टल पर यह डेटा नजर आने पर वहां की सुख समृद्धि से लेकर तमाम बिंदु सामने आ जाया करेंगे।
गांव की प्रत्येक बिंदु पर स्थिति का आकलन इस पोर्टल से लगाया जा सकेगा। यहां पर पुरस्कृत होने वाली पंचायतों का आकलन भी इसी पोर्टल से किया जाएगा। इस पोर्टल से जुटे आंकड़ों से वो गांव भी साफ-साफ नजर आएंगे, जहां पर विकास कराने की अहम जरूरत है। इसके आधार पर अधिकारी अपनी प्राथमिकता भी तय कर सकेंगे। पीएआई पोर्टल पर यह जानकारी जुटाने के लिए पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी मिली है। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक मदद करेंगे। विभाग ने इन कर्मियों के प्रशिक्षण की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पोर्टल पर ऐसे पुख्ता बनेगा डेटा
पीएआई पोर्टल पर प्रत्येक गांव की जानकारी जुटाई जाएगी। यह जानकारी कितनी सत्य है। इसके लिए पंचायत से जुटाया गया डेटा संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। जहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही उस जानकारी को ओके किया जाएगा।
-
बोले जिम्मेदार-
‘पीएआई पोर्टल के जरिये पंचायत एडवांस इंडेक्स तैयार किया जा रहा है। इससे प्रत्येक पंचायत की सुख समृद्धि से लेकर तमाम बिंदुओं को देखा जा सकेगा। वृद्ध स्तर पर गांव का डेटा इसमें नजर आएगा। गांवों का आकलन करने में आसानी होगी। जानकारी जुटाने के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किए जाएंगे।’
विज्ञापन

-श्रीकांत यादव, डीपीआरओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें