यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा शुरू हो गई है लेकिन इनकी तैयारी अभी भी आधी-अधूरी है। कहीं पर प्रयोगशाला की परखनलियों में धूल की मोटी परत जमा है तो कहीं पर गंदगी का ढेर लगा है। प्रयोगशालाआें में जमा धूल की परतें देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं किस तरह और कैसे ली जा रही हैं।
स्कूल प्रशासन और बोर्ड को इन अव्यवस्थाओं पर नजर नहीं जा रही है। प्रायोगिक परीक्षाओं के आधार पर छात्र-छात्राओं को अंक मिलने हैं और उनसे उनका भविष्य तय होना है। ऐसी लापरवाही कर इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
तिलक इंटर कालेज में मंगलवार से हाईस्कूल व इंटरमीटिएट की प्रायोगिक परीक्षा शुरू होनी हैं। टीम ने कालेज में संचालित रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला की हकीकत जानी तो नजारा देखने लायक था।
यहां पर प्रयोगशाला में ताला लटक रहा था। बाद में जब ताला खोला तो प्रयोगशाला के अंदर धूल फांकती उपकरण मिले। चारो मकड़ी के जाले और गंदगी का ढेर लगा हुआ था।
सोमवार से जिले में शुरू हुई यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा के क्रम में शहर के गोपाल इंटर कालेज में छात्र/छात्राएं परीक्षाएं दे रहे थे।
चौ. विशभंर सिंह भारतीय विद्यालय इंटर कालेज में भी इंटर मीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा चल रहीं थी। यहां पर प्रयोगशाला में छात्र/छात्राएं परीक्षा दे रहे थे। लेकिन परीक्षक इधर-उधर टहल रहे थे। इसके अलावा यहां पर भी चारो ओर गंदगी ही गंदगी थी।